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बरगी डैम हादसा—मां-बेटे का दर्दनाक मंजर देख दहल उठा दिल, थम गई सांसें, मगर मां की बाहों से जुदा न हो सका मासूम

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जबलपुर। Bargi Dam से सामने आई एक तस्वीर ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। लाइफ जैकेट पहने एक मां और उसके सीने से लिपटा मासूम बेटा—दोनों के शव जब पानी से बाहर निकाले गए, तो यह दृश्य देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।
यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि ममता की वह आखिरी तस्वीर है, जो मौत के बाद भी जिंदा रही। मां आखिरी सांस तक अपने बच्चे को सीने से लगाए रही। अथाह पानी और तेज लहरों के बीच भी दोनों एक-दूसरे से अलग नहीं हुए।

रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो सामने आया
राहत-बचाव टीम के 4-5 सदस्य सुबह के समय कड़ी मशक्कत के बाद मां-बेटे के शव को बाहर निकालते नजर आए। तेज धार और लहरों के बीच ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन टीम लगातार प्रयास करती रही।

तेज तूफान बना हादसे की वजह
अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार शाम क्रूज नाव में 43 लोग सवार थे। अचानक आए तेज तूफान और ऊंची लहरों के कारण नाव संतुलन खो बैठी और पलट गई।

अब तक 9 की मौत, कई लापता
इस हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। वहीं, 6 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

दो दशक पुराना था क्रूज
मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के अनुसार, यह क्रूज साल 2006 में बना था और इसमें लगभग 60 यात्रियों की क्षमता थी।

दिल दहला देने वाला सच
यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि उन लम्हों की कहानी है जहां एक मां ने आखिरी पल तक अपने बच्चे को थामे रखा—और यही तस्वीर अब हर किसी को अंदर तक झकझोर रही है।