#प्रदेश

ब्रिटिश ताज को अल्टीमेटम—भारतीय धरोहरें लौटाओ, वरना 5 ट्रिलियन डॉलर का दावा

Advertisement Carousel

रायपुर। भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों की वापसी को लेकर छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने बड़ा कदम उठाया है। सोसायटी ने ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स तृतीय को कड़ा पत्र लिखकर 6 जून 2026 तक भारतीय धरोहरें लौटाने का अल्टीमेटम दिया है।

शिवाजी महाराज की धरोहरों की वापसी की मांग
सोसायटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने पत्र में स्पष्ट कहा है कि छत्रपति शिवाजी महाराज की ‘वाघ नख’ और ‘जगदंबा तलवार’ समेत कई ऐतिहासिक वस्तुएं भारत की अस्मिता का प्रतीक हैं और इन्हें तुरंत लौटाया जाना चाहिए।

नहीं लौटाई तो अंतरराष्ट्रीय अदालत का रुख
सोसायटी ने चेतावनी दी है कि तय समयसीमा तक धरोहरें वापस नहीं की गईं तो मामला अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में ले जाया जाएगा। साथ ही ब्रिटेन से 5 ट्रिलियन डॉलर तक के हर्जाने का दावा करने की भी बात कही गई है।

211 दुर्लभ कलाकृतियों की सूची तैयार
इस अभियान के तहत 211 भारतीय कलाकृतियों की वापसी की मांग की गई है, जिनमें प्रमुख हैं—

0 अमरावती स्तूप के अवशेष

0 होयसल कालीन मूर्तियां

0 शिव नटराज की कांस्य प्रतिमाएं

0 सम्राट अशोक के शिलालेख

0 मुगल-राजपूत लघु चित्र

0 गणेश, दुर्गा, सूर्य और विष्णु सहित विभिन्न धार्मिक प्रतिमाएं

वैश्विक बहस को मिल सकता है बल
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल ‘सांस्कृतिक संपत्ति की वापसी’ (Restitution of Cultural Property) के वैश्विक मुद्दे को और मजबूती दे सकती है।
सोसायटी का कहना है कि औपनिवेशिक काल में भारत से ले जाई गई धरोहरों की वापसी केवल इतिहास का सवाल नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सम्मान और न्याय की मांग है।