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Big News : एलपीजी सब्सिडी पर सख्ती, सरकार शुरू कर रही इनकम वेरिफिकेशन ड्राइव

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से एलपीजी सब्सिडी व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने टैक्स रिकॉर्ड और एनर्जी डेटाबेस को जोड़कर नई वेरिफिकेशन प्रक्रिया शुरू की है, जिसके तहत अब पात्रता की गहन जांच की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां उन उपभोक्ताओं को नोटिस भेज रही हैं, जिनकी घरेलू आय सरकार द्वारा तय सीमा से अधिक पाई जा रही है।

आयकर रिकॉर्ड से हो रहा डेटा मिलान

नई व्यवस्था के तहत अब एलपीजी उपभोक्ताओं के डेटा का आयकर विभाग के रिकॉर्ड से सीधा मिलान किया जा रहा है। यदि किसी परिवार की कुल टैक्स योग्य आय निर्धारित सीमा (लगभग 10 लाख रुपये वार्षिक) से अधिक पाई जाती है, तो उसे सब्सिडी के लिए अयोग्य माना जा सकता है।

यह जांच पति-पत्नी सहित परिवार की संयुक्त आय के आधार पर की जा रही है।

7 दिन में जवाब नहीं तो बंद हो सकती है सब्सिडी

कंपनियों की ओर से उपभोक्ताओं को SMS अलर्ट भेजे जा रहे हैं, जिसमें कहा गया है कि निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं देने पर एलपीजी सब्सिडी बंद की जा सकती है। उपभोक्ताओं को अपने दस्तावेज सत्यापित कराने या शिकायत दर्ज करने के लिए सात दिन का समय दिया जा रहा है।

हेल्पलाइन और शिकायत प्रक्रिया

यदि किसी उपभोक्ता को लगता है कि उनका डेटा गलत है, तो वे टोल-फ्री नंबर 1800-2333-555 पर संपर्क कर सकते हैं या संबंधित तेल कंपनी के पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

PAHAL योजना के तहत सख्ती

यदि निर्धारित समय सीमा में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी जाती है, तो PAHAL (DBTL) योजना के तहत आधार से जुड़े बैंक खातों में मिलने वाली सब्सिडी स्थायी रूप से बंद की जा सकती है।

सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य केवल वास्तविक जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक सब्सिडी पहुंचाना और सिस्टम में पारदर्शिता लाना है।