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‘दो जून की रोटी’ बनेगी सामाजिक संवाद का माध्यम, नव सुजन मंच की अनूठी पहल

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रायपुर। समाज में आपसी सद्भाव, संवाद और आत्मीयता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नव सुजन मंच छत्तीसगढ़ ने एक अनोखी पहल शुरू की है। “दो जून की रोटी” नामक इस कार्यक्रम के जरिए लोगों को एक मंच पर लाकर सामाजिक सरोकारों और जनहित के मुद्दों पर खुलकर चर्चा करने का अवसर प्रदान किया जाएगा।

आयोजकों के अनुसार यह केवल सामूहिक भोजन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद और सहयोग की भावना को मजबूत करने का प्रयास है। कार्यक्रम में सहभागी अपने-अपने टिफिन के साथ पहुंचेंगे और एक साथ बैठकर भोजन करते हुए सामाजिक विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।

नव सुजन मंच का मानना है कि “दो जून की रोटी” जैसी आम कहावत को सामाजिक एकता और आत्मीय जुड़ाव का प्रतीक बनाया जा सकता है। इसी सोच के तहत इस पहल को “टिफिन वाली बैठक” का स्वरूप दिया गया है, जहां बिना किसी भेदभाव के सभी लोग एक साथ बैठकर अपने विचार साझा करेंगे और एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझने का अवसर पाएंगे।

यह कार्यक्रम ऑक्सीजोन गार्डन, हनुमान मंदिर के पास स्थित बापू की कुटिया (कलेक्ट्रेट परिसर के समीप) में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत शाम 5 बजे से होगी।

नव सुजन मंच छत्तीसगढ़ ने समाजसेवी संगठनों, युवाओं, बुद्धिजीवियों और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस सकारात्मक पहल को सफल बनाने की अपील की है।