Big Breaking : राष्ट्रपति ने मंजूर किया धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, शिक्षा मंत्रालय अब प्रह्लाद जोशी के पास

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है। प्रधानमंत्री की सलाह पर अब केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। आदेश जारी होने के साथ ही जोशी ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल ली है।
प्रह्लाद जोशी फिलहाल खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, ऊर्जा तथा उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री हैं। अब वे इन मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का भी कार्यभार देखेंगे।
इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनके आवास पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी सहित भाजपा और एनडीए के कई वरिष्ठ नेता उनसे मुलाकात करने पहुंचे।
पीयूष गोयल ने की धर्मेंद्र प्रधान की सराहना
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने सार्वजनिक जीवन में दशकों तक समर्पण के साथ काम किया और शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलनों से लेकर केंद्र सरकार में विभिन्न जिम्मेदारियों तक, प्रधान ने हमेशा युवाओं की आकांक्षाओं और राष्ट्र निर्माण को प्राथमिकता दी।
इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान का संदेश
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए संदेश में धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि वे पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उनका विश्वास रहा है कि मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की नींव होती है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की आकांक्षाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का वे हमेशा सम्मान करते रहेंगे।




