Big News : PSC घोटाले में CBI का बड़ा एक्शन: पूर्व सचिव जेके ध्रुव के घर फिर छापा, भर्ती घोटाले के नए सबूतों की तलाश

भिलाई। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए आयोग के पूर्व सचिव और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जेके ध्रुव (जीवन किशोर ध्रुव) के ठिकानों पर छापेमारी की। सीबीआई की टीम सुबह भिलाई के सेक्टर-10 स्थित उनके निवास पहुंची और दस्तावेजों व डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू की।
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई अधिकारी दो इनोवा वाहनों में पहुंचे और लंबे समय तक घर के भीतर जांच-पड़ताल करते रहे। बताया जा रहा है कि टीम भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अहम दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वित्तीय लेन-देन के संभावित सबूत खंगाल रही है। ध्रुव से जुड़े एक अन्य परिसर में भी जांच की सूचना है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी और छापेमारी
CGPSC भर्ती घोटाले में सीबीआई इससे पहले भी जेके ध्रुव के ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और सीबीआई अदालत में चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है। ताजा कार्रवाई को जांच के अगले चरण और नए सबूत जुटाने की कवायद माना जा रहा है।
क्या है CGPSC भर्ती घोटाला?
यह मामला वर्ष 2020 से 2022 के बीच आयोजित CGPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पक्षपातपूर्ण चयन से जुड़ा है। आरोप है कि तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और पूर्व सचिव जेके ध्रुव ने अपने पद का दुरुपयोग कर रिश्तेदारों और करीबी लोगों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत अन्य प्रतिष्ठित पदों पर चयनित कराया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, जेके ध्रुव पर अपने पुत्र सुमित ध्रुव को नियमों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित कराने का आरोप है। इसी मामले को लेकर सीबीआई लगातार दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।
CBI की कार्रवाई से फिर गरमाई सियासत
पूर्व सचिव के घर दोबारा हुई छापेमारी के बाद प्रदेश की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि जांच एजेंसी जल्द ही मामले में कुछ और महत्वपूर्ण खुलासे कर सकती है। फिलहाल सीबीआई की कार्रवाई जारी है और सभी की निगाहें जांच के अगले कदम पर टिकी हैं।





