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इलेक्ट्रिक स्टोव बना मौत का कारण, दिल्ली होटल अग्निकांड में 21 की जान गई, होटल मालिक सही शामिल

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में बुधवार सुबह लगी भीषण आग ने 21 लोगों की जान ले ली, जबकि 28 लोग घायल हो गए। मृतकों में 12 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर होटल मालिक को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार हौज रानी इलाके में स्थित होटल फ्लोरिश स्टे बीएंडबी में सुबह करीब 8:30 बजे आग लगी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आग बेसमेंट में संचालित रेस्तरां से शुरू हुई और देखते ही देखते पूरी इमारत में फैल गई। आग और धुएं के कारण होटल में ठहरे लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

एक ही एंट्री-एग्जिट, सेंसर फेल होने से फंसे लोग

बताया जा रहा है कि होटल में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही रास्ता था, जिसका दरवाजा सेंसर से संचालित होता था। आग लगने के बाद सेंसर ने काम करना बंद कर दिया, जिससे लोग अंदर ही फंस गए। घबराहट में कई लोगों ने तीसरी और चौथी मंजिल से छलांग लगा दी।

स्थानीय लोगों ने बिछाए गद्दे, बचाईं कई जानें

हादसे के दौरान स्थानीय लोगों ने सड़क पर गद्दे बिछाकर लोगों को कूदने के लिए सहारा दिया। इससे कई लोगों की जान बच गई, हालांकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

21 मौतें, 8 मरीज वेंटिलेटर पर

पुलिस के अनुसार कुल 49 लोगों को बचाकर विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें से 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि 28 लोग घायल हैं। घायलों में 8 की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। अधिकांश मौतें दम घुटने और झुलसने से हुई हैं।

बिना फायर NOC के चल रहा था होटल

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि होटल के पास वैध फायर एनओसी नहीं थी। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है।

इलेक्ट्रिक चूल्हे में धमाके की आशंका

होटल के एक कर्मचारी के मुताबिक रेस्तरां में लगे इलेक्ट्रिक चूल्हे को चालू करते ही धमाका हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच अभी जारी है।

7 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

दमकल विभाग, पुलिस और आपदा राहत टीमों ने संयुक्त रूप से करीब सात घंटे तक बचाव अभियान चलाया। इस दौरान 13 पुलिसकर्मी और बचावकर्मी भी घायल हुए।

एलजी के सख्त आदेश, पूरे दिल्ली में जांच अभियान

घटना के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर सभी होटलों, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों और नर्सिंग होम में अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच के निर्देश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित भवनों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।

सवालों के घेरे में प्रशासन
दिल्ली में लगातार सामने आ रहे अग्निकांडों ने प्रशासनिक व्यवस्था और फायर सेफ्टी नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक बार फिर यह हादसा दिखाता है कि सुरक्षा मानकों में लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है।