छत्तीसगढ़ की 3 मेगा सिंचाई परियोजनाओं को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, CM साय ने दिए निर्माण तेज करने के निर्देश

० पैरी-सिकासार लिंक परियोजना पर याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने निविदा प्रक्रिया को माना नियमसम्मत; मटनार, मोहमेला और पैरी परियोजनाओं का रास्ता साफ
रायपुर। छत्तीसगढ़ की तीन महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजनाओं को बड़ी कानूनी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पैरी-सिकासार लिंक (पाइपलाइन) परियोजना से जुड़ी याचिका खारिज करते हुए जल संसाधन विभाग की निविदा प्रक्रिया को पूरी तरह नियमसम्मत माना है। इस फैसले के बाद मटनार–देउरगांव, मोहमेला–सिरपुर और पैरी–सिकासार लिंक परियोजनाओं के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को इन परियोजनाओं का निर्माण तेजी और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने विभाग की प्रक्रिया पर लगाई मुहर
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने M/s Offshore Infrastructures Ltd. बनाम छत्तीसगढ़ शासन मामले में 4 अगस्त 2026 को सुनाए फैसले में पैरी-सिकासार लिंक परियोजना के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया।
अदालत ने कहा कि जल संसाधन विभाग द्वारा अपनाई गई निविदा प्रक्रिया, पात्रता शर्तें और तकनीकी मूल्यांकन पूरी तरह विधिसम्मत हैं। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि टेंडर आमंत्रित करने वाली संस्था अपनी तकनीकी आवश्यकताओं का सर्वोत्तम मूल्यांकन करने के लिए सक्षम है और न्यायालय केवल प्रक्रिया की वैधता की समीक्षा कर सकता है।
देश की बड़ी कंपनियों ने लिया हिस्सा
इन तीनों परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया में देश की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों ने भाग लिया।
मटनार–देउरगांव परियोजना में NCC लिमिटेड सबसे कम (L-1) बोलीदाता रही।
मोहमेला–सिरपुर बैराज परियोजना में ओम मेटल्स इंफ्राप्रोजेक्ट्स (L-1) रही।
पैरी–सिकासार लिंक परियोजना में दिलीप बिल्डकॉन की सबसे कम (L-1) बोली स्वीकार की गई।
किसानों और प्रदेश को होंगे बड़े लाभ
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद प्रदेश के हजारों किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
मटनार–देउरगांव परियोजना से लगभग 16 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी और 21 मेगावाट जलविद्युत उत्पादन भी होगा।
मोहमेला–सिरपुर बैराज परियोजना से करीब 1,800 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
पैरी–सिकासार–कोडार लिंक परियोजना से लगभग 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल और औद्योगिक उपयोग के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
CM साय के निर्देश- समय पर पूरा हो निर्माण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन परियोजनाओं का निर्माण समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और बिना किसी देरी के पूरा किया जाए, ताकि किसानों को जल्द सिंचाई सुविधा मिले, कृषि उत्पादन बढ़े और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
अब तेजी से बढ़ेंगे निर्माण कार्य
हाईकोर्ट के फैसले के बाद इन परियोजनाओं से जुड़ी कानूनी बाधाएं लगभग समाप्त हो गई हैं। इससे सिंचाई विस्तार, जल संरक्षण, पेयजल उपलब्धता, औद्योगिक विकास और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन जैसी बहुआयामी योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। यह फैसला राज्य के जल संसाधन और कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




