Big News : अब बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेगी कफ सिरप, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला,सख्त किए नियम

नई दिल्ली। बच्चों की मौत और दूषित कफ सिरप से जुड़े मामलों के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर कफ सिरप समेत सभी सिरप आधारित दवाओं की बिना डॉक्टर की पर्ची के बिक्री पर रोक लगा दी है। अब ऐसी दवाएं खरीदने के लिए मरीजों को चिकित्सकीय प्रिस्क्रिप्शन दिखाना अनिवार्य होगा।
सरकार ने यह फैसला ‘ड्रग्स रूल्स, 1945’ में संशोधन करते हुए ‘ड्रग्स (पांचवां संशोधन) नियम, 2026’ के तहत लिया है। यह संशोधन 9 जून 2026 को राजपत्र में अधिसूचित किया गया था और इसके लागू होते ही नए नियम प्रभावी हो गए हैं।
बच्चों की मौत के बाद बढ़ी सख्ती
पिछले वर्ष मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और राजस्थान में कफ सिरप पीने के बाद कई बच्चों की किडनी फेल होने से मौत हो गई थी। जांच में संबंधित सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) की मात्रा 48 प्रतिशत से अधिक पाई गई थी, जबकि इसकी स्वीकार्य सीमा केवल 0.1 प्रतिशत है। इस घटना के बाद दवाओं की गुणवत्ता और बिक्री व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे।
क्या बदला नए नियम में?
सरकार ने ‘शेड्यूल-के’ में शामिल छूट प्राप्त दवाओं की सूची से सिरप आधारित दवाओं को हटा दिया है। इसके साथ ही कफ सिरप और अन्य ओरल लिक्विड दवाओं की ‘ओवर-द-काउंटर’ (OTC) बिक्री पर रोक लग गई है। यानी अब मेडिकल स्टोर बिना डॉक्टर की पर्ची के ऐसी दवाएं नहीं बेच सकेंगे।
सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला
स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि यह कदम दवाओं के सुरक्षित उपयोग को सुनिश्चित करने और नकली या मानकविहीन दवाओं से होने वाले जोखिम को कम करने के लिए उठाया गया है। सरकार ने यह निर्णय आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा तथा ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) से परामर्श के बाद लिया है।





