कैलाश मानसरोवर यात्रा आज से शुरू, नाथू ला दर्रे से रवाना होगा पहला जत्था,500 श्रद्धालु करेंगे पवित्र यात्रा

० भारत-चीन समन्वय से की गई विशेष तैयारियां
नई दिल्ली। बहुप्रतीक्षित कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 शनिवार से शुरू हो रही है। इस वर्ष यात्रा का पहला जत्था सिक्किम स्थित नाथू ला दर्रे के रास्ते तिब्बत में स्थित पवित्र कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन के लिए रवाना होगा। कई वर्षों के अंतराल के बाद यात्रा के नियमित संचालन को श्रद्धालुओं के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है।
इस वर्ष नाथू ला मार्ग से कुल 500 तीर्थयात्री यात्रा करेंगे। यात्रियों को 50-50 लोगों के 10 जत्थों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक दल के साथ एक संपर्क अधिकारी और एक चिकित्सा सहायक तैनात रहेगा, ताकि यात्रा के दौरान समुचित समन्वय और स्वास्थ्य संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
राजदूत ने दी शुभकामनाएं
चीन में भारत के राजदूत विक्रम दोराईस्वामी ने यात्रा शुरू होने से पहले एक वीडियो संदेश जारी कर सभी तीर्थयात्रियों का स्वागत किया। उन्होंने यात्रा मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक जानकारियों से श्रद्धालुओं को अवगत कराया।
बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने भी यात्रा को लेकर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विदेश मंत्रालय और चीन सरकार के सहयोग से यात्रा का सफल संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
तैयारियों का लिया गया जायजा
भारतीय दूतावास की टीम ने हाल ही में सिक्किम के नाथू ला दर्रे और उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से जुड़े प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट्स का निरीक्षण किया। इस दौरान यात्रा मार्गों पर आवास, परिवहन, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
याडोंग तक बस से पहुंचेंगे श्रद्धालु
नाथू ला पार करने के बाद तीर्थयात्रियों का स्वागत चीनी सीमा शुल्क और इमिग्रेशन अधिकारी करेंगे। इसके बाद श्रद्धालुओं को बस के माध्यम से याडोंग काउंटी ले जाया जाएगा। यात्रा के दौरान ठहरने, भोजन और करेंसी एक्सचेंज जैसी सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है।
जारी होंगी नई एडवाइजरी
भारतीय दूतावास ने बताया कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समय-समय पर वीडियो संदेश और यात्रा संबंधी एडवाइजरी जारी की जाएंगी, ताकि यात्रियों को हर जरूरी जानकारी समय पर मिल सके।
चार धर्मों की आस्था का केंद्र
कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदू, बौद्ध, जैन और बॉन धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार कैलाश पर्वत भगवान शिव का निवास स्थान है, जबकि मानसरोवर झील को दुनिया की सबसे पवित्र झीलों में शामिल किया जाता है। श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, तपस्या और आध्यात्मिक अनुभव का अद्भुत संगम है।





