एयर इंडिया का बड़ा तोहफा: विदेश यात्रा हुई सस्ती, फ्यूल सरचार्ज में 80 डॉलर तक की कटौती

० यूरोप, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जाने वाले यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा, टिकट होंगे पहले से अधिक किफायती
नई दिल्ली।विदेश यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। एयर इंडिया ने अपने चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर फ्यूल सरचार्ज (ईंधन अधिभार) में बड़ी कटौती करने का फैसला लिया है। इस फैसले के बाद यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की हवाई यात्रा पहले की तुलना में सस्ती हो जाएगी।
यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
एयर इंडिया के अनुसार, यूरोप के लिए फ्यूल सरचार्ज 205 डॉलर से घटाकर 125 डॉलर प्रति यात्री कर दिया गया है। वहीं उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के लिए यह शुल्क 280 डॉलर से घटाकर 200 डॉलर कर दिया गया है।
इस फैसले से यात्रियों को प्रति टिकट 80 डॉलर (करीब 6,500 से 7,000 रुपये) तक की सीधी बचत होगी।
क्या होता है फ्यूल सरचार्ज?
फ्यूल सरचार्ज वह अतिरिक्त शुल्क है, जिसे एयरलाइंस विमान के ईंधन (एविएशन टरबाइन फ्यूल-ATF) की बढ़ती लागत की भरपाई के लिए टिकट किराये के अलावा यात्रियों से वसूलती हैं।
उदाहरण के तौर पर यदि किसी टिकट का बेस किराया ₹4,000 है, तो उसके साथ फ्यूल सरचार्ज, एयरपोर्ट शुल्क और टैक्स जोड़ने के बाद कुल टिकट कीमत बढ़ जाती है।
एयरलाइंस क्यों वसूलती हैं यह शुल्क?
जब विमान ईंधन (ATF) की कीमतें बढ़ती हैं, कच्चा तेल महंगा होता है या डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर पड़ता है, तब एयरलाइंस का परिचालन खर्च बढ़ जाता है। इसी अतिरिक्त लागत की भरपाई के लिए फ्यूल सरचार्ज लगाया जाता है।
हर टिकट पर जरूरी नहीं
हर एयरलाइन फ्यूल सरचार्ज अलग तरीके से लागू करती है। कुछ कंपनियां इसे अलग से दिखाती हैं, जबकि कुछ इसे बेस किराए में ही शामिल कर देती हैं। प्रतिस्पर्धा या विशेष ऑफर के दौरान कई बार इसे कम या पूरी तरह खत्म भी किया जा सकता है।
सरकार नहीं तय करती शुल्क
फ्यूल सरचार्ज की दरें सरकार तय नहीं करती। यह पूरी तरह एयरलाइंस की व्यावसायिक नीति पर निर्भर करता है। हालांकि कंपनियों को निर्धारित नियमों और पारदर्शिता संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होता है।




