सहकारिता बनेगी किसानों की ताकत, विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

० सहकारिता मंत्रालय के 5 वर्ष पूरे होने पर राज्य स्तरीय सम्मेलन, 162 करोड़ की तेंदूपत्ता प्रोत्साहन राशि का शुभारंभ, 1352 नई सहकारी समितियों का गठन
रायपुर।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सहकारिता किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ ‘सहकार से समृद्धि’ अभियान अब गांव-गांव तक पहुंच रहा है और इसका सीधा लाभ किसानों, वनवासियों, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण परिवारों को मिल रहा है।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकारी सप्ताह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 162 करोड़ रुपये से अधिक की तेंदूपत्ता प्रोत्साहन राशि वितरण का शुभारंभ किया। यह राशि संग्रहण वर्ष 2023 के 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलेगी।
1352 नई सहकारी समितियों का गठन
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की कोई भी पंचायत सहकारिता से वंचित न रहे, इसके लिए राज्य में 1352 नई सहकारी समितियों का गठन किया गया है। साथ ही सहकारिता विभाग के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ भी किया गया, जिससे किसानों का पंजीयन पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन होगा।
किसानों को बिना ब्याज मिल रहा ऋण
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले किसानों को खेती के लिए 16 से 18 प्रतिशत ब्याज पर ऋण लेना पड़ता था, लेकिन अब सहकारिता व्यवस्था और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से किसानों को बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस वर्ष प्रदेश के 15 लाख से अधिक किसानों को 8 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का ऋण दिया गया है।
सहकारिता का दायरा अब खेती से आगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता अब केवल कृषि तक सीमित नहीं है। पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, वनोपज और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी सहकारिता के माध्यम से नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के सहयोग से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

उत्कृष्ट समितियों को मिला सम्मान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट सहकारी समितियों को ‘सहकार प्रेरणा पुरस्कार’ से सम्मानित किया। साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों को लाभांश, हितग्राहियों को केसीसी ऋण, माइक्रो एटीएम, तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रशस्ति पत्र तथा छत्तीसगढ़ हर्बल्स के पांच नए उत्पादों का लोकार्पण किया।
सहकारिता प्रदर्शनी का किया अवलोकन
मुख्यमंत्री ने विभिन्न सहकारी संस्थाओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर किसानों, महिला समूहों और वनधन समितियों के नवाचारों की सराहना की। कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि, किसान एवं बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे।





