अदाणी विद्या मंदिर का पोषण मॉडल बना मिसाल: एक साल में 600 ग्रामीण बच्चों को कुपोषण से मिली राहत

० 14 गांवों के विद्यार्थियों पर चला 12 माह का हेल्थ रिसर्च प्रोजेक्ट, प्रार्थना सभा में चक्कर आने की समस्या पूरी तरह खत्म
अंबिकापुर।अदाणी फाउंडेशन द्वारा संचालित अदाणी विद्या मंदिर, सरगुजा ने ग्रामीण बच्चों में कुपोषण और शारीरिक कमजोरी दूर करने की दिशा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। विद्यालय के एक वर्ष तक चले विशेष ‘हेल्थ एक्शन रिसर्च प्रोजेक्ट’ के तहत 14 गांवों के करीब 600 विद्यार्थियों के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। संतुलित पोषण और नियमित व्यायाम की बदौलत बच्चों में कमजोरी, चक्कर आने और ऊर्जा की कमी जैसी समस्याएं पूरी तरह खत्म हो गईं।
राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RRVUNL) की सामाजिक सरोकार शाखा अदाणी फाउंडेशन द्वारा संचालित अदाणी विद्या मंदिर, सरगुजा ने ग्रामीण बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने के उद्देश्य से शुरू किए गए विशेष स्वास्थ्य प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक पूरा किया है।
विद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के दौरान सुबह की प्रार्थना सभा में प्रतिदिन 15 से 20 विद्यार्थियों के चक्कर खाकर गिरने और अत्यधिक कमजोरी महसूस करने की घटनाएं सामने आ रही थीं। चिकित्सकीय जांच में अधिकांश बच्चों में वजन कम, ऊर्जा की कमी और प्रोटीन व सूक्ष्म पोषक तत्वों (माइक्रोन्यूट्रिएंट्स) की कमी पाई गई।
अध्ययन में सामने आया कि बच्चों के भोजन में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक थी, जबकि प्रोटीन और आवश्यक पोषक तत्वों की कमी थी। स्थानीय सामाजिक परिस्थितियों और सीमित डेयरी परंपरा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय ने स्थानीय खान-पान से समझौता किए बिना संतुलित पोषण योजना तैयार की।

पोषण और फिटनेस का अनोखा मॉडल
विद्यालय ने प्रत्येक विद्यार्थी को प्रतिदिन 100 मिलीलीटर दूध के साथ पौष्टिक माल्ट पेय उपलब्ध कराया। मध्याह्न भोजन में सोयाबीन, मूंग दाल और चना जैसे उच्च गुणवत्ता वाले पौध-आधारित प्रोटीन शामिल किए गए। इसके अलावा रोजाना दो मौसमी फल और सप्ताह में दो बार पौष्टिक गेहूं का दलिया भी परोसा गया।
सिर्फ भोजन ही नहीं, बल्कि प्रार्थना सभा के बाद नियमित व्यायाम को भी अनिवार्य बनाया गया। सप्ताह के अलग-अलग दिनों में ऊपरी और निचले शरीर के व्यायाम कराए गए, जिससे बच्चों की मांसपेशियों की ताकत, सहनशक्ति और शारीरिक क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
12 महीने में दिखे सकारात्मक परिणाम
लगातार एक वर्ष तक इस योजना को लागू करने के बाद बच्चों के स्वास्थ्य में बड़ा बदलाव देखने को मिला। अब प्रार्थना सभा के दौरान किसी भी विद्यार्थी को चक्कर आने की शिकायत नहीं होती। विद्यार्थियों का औसत वजन बढ़ा है और उनमें पहले की तुलना में अधिक ऊर्जा, फुर्ती, आत्मविश्वास और शारीरिक सक्रियता दिखाई दे रही है।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया यह पोषण और फिटनेस मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के स्वास्थ्य सुधार का प्रभावी उदाहरण बनकर उभरा है। यह पहल अदाणी फाउंडेशन की शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के प्रति प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती है।
14 गांवों के बच्चों को मिल रही निःशुल्क सुविधाएं
अदाणी विद्या मंदिर, सरगुजा में आसपास के 14 गांवों के बच्चों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ परिवहन, यूनिफॉर्म, पाठ्यपुस्तकें और पौष्टिक भोजन भी उपलब्ध कराया जाता है। विद्यालय का उद्देश्य प्रथम पीढ़ी के शिक्षार्थियों को बेहतर अवसर प्रदान कर उन्हें स्वस्थ, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना है।





