ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार: 16वें वित्त आयोग से छत्तीसगढ़ को 11,664 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय कार्यशाला में शामिल हुए डिप्टी सीएम विजय शर्मा

नई दिल्ली में आयोजित 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर राष्ट्रीय कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा शामिल हुए। कार्यशाला में देशभर के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और नीति-निर्माताओं ने हिस्सा लेकर पंचायतों की वित्तीय मजबूती और ग्रामीण विकास से जुड़े अहम मुद्दों पर मंथन किया।
कार्यशाला में ग्रामीण स्थानीय निकायों को वित्तीय संसाधनों के बेहतर आवंटन, पंचायतों की आर्थिक क्षमता बढ़ाने, पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रदर्शन आधारित अनुदान व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर विशेष चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विभिन्न तकनीकी सत्रों में भाग लेते हुए पंचायतों और ग्रामीण विकास से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए और प्रस्तुतियों का अवलोकन किया।
इस दौरान 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के तहत छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी वित्तीय सौगात की जानकारी भी सामने आई। वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए राज्य को कुल 11,664 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा। इसमें 9,331 करोड़ रुपये बेसिक ग्रांट और 2,333 करोड़ रुपये परफॉर्मेंस ग्रांट शामिल हैं। ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए अंतर-राज्यीय अनुदान वितरण में छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी 2.68 प्रतिशत तय की गई है।
वर्षवार आवंटन के तहत 2026-27 में 1,498 करोड़ रुपये, 2027-28 में 1,911 करोड़ रुपये, 2028-29 में 2,470 करोड़ रुपये, 2029-30 में 2,742 करोड़ रुपये और 2030-31 में 3,043 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सरकार का मानना है कि यह राशि ग्राम पंचायतों और अन्य ग्रामीण स्थानीय निकायों के माध्यम से आधारभूत सुविधाओं के विकास, नागरिक सेवाओं के विस्तार और गांवों में विकास कार्यों को नई गति देने में अहम भूमिका निभाएगी।





