मानसून सत्र के पहले दिन डॉ. तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि, 5 मिनट के लिए स्थगित हुई विधानसभा की कार्यवाही

० मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले- छत्तीसगढ़ ने लोकसंस्कृति का अनमोल रत्न खोया, पक्ष-विपक्ष ने पंडवानी सम्राज्ञी को किया नमन
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन की शुरुआत पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें लोककला की अमूल्य धरोहर बताया। श्रद्धांजलि के बाद सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
विधानसभा में श्रद्धांजलि प्रस्ताव पर बोलते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने पंडवानी गायन की कापालिक शैली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और अपनी अद्भुत प्रतिभा से छत्तीसगढ़ की लोककला को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि उनकी प्रस्तुतियों में गायन, अभिनय, ओजस्वी वाणी और जीवंत पात्र चित्रण का अनूठा समन्वय देखने को मिलता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. तीजन बाई का जीवन संघर्ष, साधना और समर्पण की मिसाल रहा। जिस समय महिलाओं की पंडवानी गायन में भागीदारी बेहद सीमित थी, उस दौर में उन्होंने सामाजिक रूढ़ियों को तोड़कर अपनी अलग पहचान बनाई और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनीं। उन्होंने कहा कि उनके निधन से छत्तीसगढ़ ने अपनी लोकसंस्कृति का एक अनमोल रत्न खो दिया है।
‘पद्म सम्मानित विभूति पर पहली बार हुई चर्चा’
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि विधानसभा के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब किसी पद्म सम्मान से सम्मानित विभूति को लेकर सदन में इस प्रकार चर्चा हो रही है। उन्होंने कांग्रेस विधायक दल की ओर से डॉ. तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया।
सभी दलों ने दी श्रद्धांजलि
संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपनी कला से छत्तीसगढ़ का गौरव विश्व पटल पर स्थापित किया। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सीमित संसाधनों और शिक्षा के अभाव के बावजूद उन्होंने अपने हुनर से देश-दुनिया में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया।
संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कठिन संघर्षों के बीच डॉ. तीजन बाई ने पंडवानी गायन को नई पहचान दिलाई और लोककला को वैश्विक मंच तक पहुंचाया। उनका निधन पूरे सांस्कृतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
इसके अलावा मंत्री गजेंद्र यादव तथा विधायक किरण सिंह देव, अनुज शर्मा, अनिला भेड़िया, कुँवर सिंह निषाद और भैयालाल कोरसेवाड़ा ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉ. तीजन बाई को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
श्रद्धांजलि के बाद 5 मिनट के लिए स्थगित हुई कार्यवाही
सदन में सभी सदस्यों द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित किए जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखवाया और इसके उपरांत सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी।





