PM मोदी का लाल किले से बड़ा संदेश: “समय हमारा है, अवसर हमारा है, संकल्प हमारा है”

० 80वें स्वतंत्रता दिवस पर विकसित भारत का संकल्प, नक्सलवाद से लेकर महिला आरक्षण और सिविल डिफेंस तक कई बड़े मुद्दों पर बोले प्रधानमंत्री
नई दिल्ली। 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए विकसित भारत के संकल्प के साथ कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। प्रधानमंत्री ने युवाओं, महिलाओं, राष्ट्रीय सुरक्षा, जनगणना और नक्सलवाद समेत कई विषयों को अपने संबोधन में प्रमुखता से उठाया।
“समय हमारा है, अवसर हमारा है, संकल्प हमारा है”
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने लाल किले से पहले पंच प्राण की बात की थी, जिसने देश के संकल्पों को नई ताकत दी। उन्होंने महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सुभाष चंद्र बोस, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, बिरसा मुंडा और ज्योतिबा फुले के भारत के सपने को याद करते हुए देशवासियों से इन संकल्पों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “समय हमारा है, अवसर हमारा है, संकल्प हमारा है।” प्रधानमंत्री ने लोगों से सपनों को संकल्प, संकल्प को सामर्थ्य और सामर्थ्य को सफलता में बदलने का आह्वान किया।
जनगणना में युवाओं से भागीदारी की अपील
पीएम मोदी ने युवाओं से जनगणना के काम में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंकड़ों की बारीकियों के आधार पर ही देश के लिए बेहतर योजनाएं तैयार होती हैं। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अपनी जानकारी सही तरीके से उपलब्ध कराने और डिजिटल माध्यम से प्रक्रिया में सहयोग करने का आग्रह किया।
महिलाओं को 33 फीसदी प्रतिनिधित्व देने की अपील
प्रधानमंत्री ने राजनीतिक दलों से महिलाओं के सामर्थ्य को बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में महिला शक्ति को मजबूती देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया है। उन्होंने राजनीतिक दलों से जल्द से जल्द महिलाओं को 33 फीसदी प्रतिनिधित्व देने और देश के विकास में उनकी भागीदारी बढ़ाने का आग्रह किया।
देश में बनेगा बड़ा सिविल डिफेंस नेटवर्क
राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रधानमंत्री ने कहा कि नागरिकों को भी देश की सुरक्षा में भागीदार बनाया जाएगा। उन्होंने लाल किले से ऐलान किया कि देश में जल्द ही नागरिक रक्षा यानी सिविल डिफेंस का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया जाएगा। इसमें युवाओं की बड़ी भागीदारी होगी और यह आधुनिक चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा।
“हथियार वाले नक्सली गए, लेकिन दिमाग वाले नक्सली अभी देश में”
नक्सलवाद पर प्रधानमंत्री ने कहा कि माओवाद और नक्सलवाद ने चार दशकों तक देश के बड़े हिस्से को हिंसा की चपेट में रखा। उन्होंने कहा कि 2014 में सरकार बनने के बाद नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया गया था और देश अब इसे पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि जहां कभी नक्सलियों की गोलियां चलती थीं और धरती रक्तरंजित होती थी, वहां अब विश्वास, प्रयास और विकास का तिरंगा लहरा रहा है।
उन्होंने साथ ही चेतावनी देते हुए कहा कि “हथियार वाले नक्सली तो मारे गए, लेकिन दिमाग वाले नक्सली अभी देश में हैं।” प्रधानमंत्री ने ऐसे तत्वों को पहचानने और अलग-थलग करने की जरूरत बताई।
“एक दीप से जलें दीप हजारों, मिलकर विकसित भारत बनाएं”
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से विकास के लक्ष्य से जुड़े रहने और एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर कदम विकास का कदम बने, लोग कदम से कदम और मन से मन मिलाएं तथा मिलकर विकसित भारत का निर्माण करें।





