सुकमा में पुनर्वासित युवाओं को नई उड़ान: 5G स्मार्टफोन से डिजिटल दुनिया से जोड़ा, सिल्क और हथकरघा प्रशिक्षण से मिलेगा रोजगार का हुनर

सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा में पुनर्वासित युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। जिले के प्रभारी सचिव एवं खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के सचिव राजेश सिंह राणा ने अपने एक दिवसीय प्रवास के दौरान युवाओं के कौशल विकास, डिजिटल सशक्तिकरण और रोजगार से जुड़ी योजनाओं का जायजा लिया।
20 युवाओं को मिला सिल्क और हथकरघा का प्रशिक्षण
प्रभारी सचिव ने लाइवलीहुड कॉलेज पहुंचकर पुनर्वासित युवाओं के लिए विशेष कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की। दो महीने के इस प्रशिक्षण में 20 युवाओं को कोसा से सिल्क निकालने, उन्नत हथकरघे पर साड़ी बुनने और आधुनिक सिलाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशासन का उद्देश्य युवाओं को ऐसा हुनर उपलब्ध कराना है, जिससे वे प्रशिक्षण के बाद रोजगार या स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें। पारंपरिक कोसा और हथकरघा कला को आधुनिक तकनीक से जोड़कर आजीविका के नए अवसर तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
20 युवाओं को 5G स्मार्टफोन, साथ बैठकर किया भोजन
इसके बाद राजेश सिंह राणा पुनर्वास केंद्र पहुंचे और युवाओं से बातचीत की। इस दौरान 20 पुनर्वासित युवाओं को 5G स्मार्टफोन वितरित किए गए। इससे उन्हें डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन जानकारी और तकनीक से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम का सबसे खास पहलू तब देखने को मिला, जब प्रभारी सचिव ने पुनर्वासित युवाओं के साथ बैठकर उनके द्वारा तैयार किया गया भोजन ग्रहण किया। उन्होंने युवाओं की समस्याएं और अनुभव सुने तथा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

पुनर्वास के साथ आत्मनिर्भरता पर जोर
प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य पुनर्वासित युवाओं को केवल मुख्यधारा से जोड़ना ही नहीं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन के लिए जरूरी कौशल और संसाधन उपलब्ध कराना भी है।इस दौरान कलेक्टर अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर और जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर भी मौजूद रहे।
तुंगल डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर जोर
प्रवास के अंतिम चरण में प्रभारी सचिव ने तुंगल डैम का दौरा कर वहां की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की संभावनाओं का जायजा लिया। उन्होंने क्षेत्र को व्यवस्थित और प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
डैम पहुंचे स्कूली बच्चों से भी उन्होंने बातचीत की और उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी लेते हुए बेहतर भविष्य के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रशासन का यह दौरा विकास, पुनर्वास, कौशल विकास, डिजिटल सशक्तिकरण और पर्यटन—इन सभी क्षेत्रों को एक साथ जोड़ने वाली पहल के तौर पर सामने आया।





