सावन के समापन की उल्टी गिनती शुरू, 24 अगस्त को आखिरी सावन सोमवार; 25 को मंगला गौरी व्रत, जानें पूरी तारीख

रायपुर। भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माने जाने वाले सावन महीने का समापन अब नजदीक है। शिवभक्तों के लिए आने वाले दिन बेहद खास रहने वाले हैं। सावन का आखिरी सोमवार, अंतिम मंगला गौरी व्रत और श्रावण पूर्णिमा इस महीने के प्रमुख धार्मिक अवसर होंगे।
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष सावन महीने की शुरुआत 30 जुलाई 2026, गुरुवार से हुई थी। इसका समापन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को होगा। इसके अगले दिन से भाद्रपद मास की शुरुआत हो जाएगी।
24 अगस्त को सावन का आखिरी सोमवार
सावन सोमवार का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना गया है। इस दिन श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर व्रत रखते हैं और बेलपत्र, धतूरा आदि अर्पित कर महादेव की पूजा करते हैं।
इस वर्ष सावन का आखिरी सोमवार 24 अगस्त 2026 को पड़ेगा। मान्यता है कि सावन सोमवार के दिन श्रद्धा के साथ शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
25 अगस्त को आखिरी मंगला गौरी व्रत
सावन के मंगलवार को रखा जाने वाला मंगला गौरी व्रत विशेष रूप से सुहागिन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। महिलाएं पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना से मां गौरी की पूजा करती हैं।इस बार सावन का चौथा और आखिरी मंगला गौरी व्रत 25 अगस्त 2026, मंगलवार को रखा जाएगा।
मंगला गौरी व्रत के साथ भौम प्रदोष का संयोग
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस बार 25 अगस्त को भौम प्रदोष व्रत का भी संयोग बन रहा है। मंगलवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत भौम प्रदोष कहलाता है। ऐसे में इस दिन शिव-पार्वती की आराधना का विशेष महत्व माना जा रहा है।
28 अगस्त को होगा सावन का समापन
पंचांग के अनुसार, 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को श्रावण पूर्णिमा के साथ सावन महीने का समापन होगा। इसके अगले दिन यानी 29 अगस्त से भाद्रपद माह शुरू हो जाएगा।
इस तरह सावन के अंतिम दिनों में शिवभक्तों के लिए पूजा-पाठ और व्रत के कई महत्वपूर्ण अवसर आने वाले हैं। खासकर 24 अगस्त का आखिरी सावन सोमवार और 25 अगस्त का आखिरी मंगला गौरी व्रत श्रद्धालुओं के लिए विशेष रहेंगे।




