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प्रकृति पूजा और संरक्षण का संदेश देकर मनाया ग्रीन डे

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अखिल भारतीय ब्राह्मण महिला परिषद की सड्डू रायपुर इकाई ने किया सामाजिक आयोजन

रायपुर । अखिल भारतीय ब्राह्मण महिला परिषद के रायपुर प्रकोष्ठ की सड्डू इकाई द्वारा बुधवार को बृहत सामाजिक कार्यक्रम आयोजित कर ग्रीन डे मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर समस्त जगत के कल्याण की कामना की और प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने अपने घरों से बनाकर लाए पंचग्रास का वितरण किया। सनातन परंपरा में पंचग्रास के अंतर्गत गाय, कुत्ते, कीट-पतंगों, चिड़ियों और भगवान के निमित्त भोजन का अंश निकाला जाता है। महिलाओं ने इसी भावना के साथ पंचग्रास गायों और श्वानों को वितरित किया और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदना एवं संरक्षण का संदेश दिया।

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महिलाओं ने आंवला और आम सहित विभिन्न फलदार पौधों का वितरण किया तथा पौधारोपण भी किया। इसके साथ ही पृथ्वी को बचाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए रैली निकाली गई।

कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि महिलाओं ने इसे बिना किसी खर्च के आयोजित किया। आयोजन में न तो प्लास्टिक का उपयोग किया गया और न ही पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली किसी वस्तु का इस्तेमाल हुआ। कार्यक्रम के लिए बनाया गया बैनर भी कपड़े पर हस्तलिखित तैयार किया गया था। महिलाओं ने संदेश दिया कि प्रकृति की रक्षा के लिए बड़े खर्च की आवश्यकता नहीं, बल्कि इच्छाशक्ति और सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

सड्डू इकाई की सदस्य आकांक्षा तिवारी ने कहा कि सावन भगवान शिव की आराधना का पावन समय है। शिव और शक्ति का संबंध प्रकृति से है और प्रकृति स्वयं शक्ति का स्वरूप है। इसलिए शिव-शक्ति की आराधना को प्रकृति पूजा से जोड़ते हुए ग्रीन डे मनाने का संकल्प लिया गया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि हम बिना एक रुपया खर्च किए भी प्रकृति और पर्यावरण के लिए अपना योगदान दे सकते हैं। आकांक्षा तिवारी ने बताया कि परिषद् की राष्ट्रीय सचिव यामिनी पाण्डेय के निर्देश पर प्रदेश भर की इकाइयों द्वारा ग्रीन डे का आयोजन किया जा रहा है।

इस अवसर पर करुणा पांडे,प्रतिमा उपाध्याय, विभा शुक्ला, समृद्धि तिवारी, ममता पांडे, रेखा दूबे, आरती मिश्रा सहित ब्राह्मण समाज की अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं। महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण और जीव-जंतुओं के संरक्षण को जनजीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।