नेपाल में कुदरत का कहर: भोटे कोशी बाढ़ में 475 मौतें, 667 लोग लापता, भूकंप और डैम टूटने से बढ़ा खतरा

काठमांडू। नेपाल में आई विनाशकारी भोटे कोशी बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। राहत और बचाव अभियान के बीच मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 475 पहुंच गया है, जबकि 1,545 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में 667 लोग अब भी लापता हैं। उफनती नदियों और भूस्खलन के बीच सेना और पुलिस की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
रसुवा हाइड्रोपावर की सुरंग में फंसे श्रमिक, सेना का रेस्क्यू जारी
बाढ़ के कारण रसुवा जिले की एक जलविद्युत परियोजना की सुरंग में कई श्रमिक फंस गए हैं। नेपाली सेना ने शुक्रवार सुबह विशेष टीम और तकनीकी उपकरणों के साथ बचाव अभियान शुरू किया। अब तक दो श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि अन्य लोगों की तलाश जारी है।
भूकंप के बाद तिब्बत सीमा पर डैम टूटने की खबर से बढ़ी चिंता
नेपाल में राहत अभियान के बीच चीन के सिचुआन प्रांत में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद त्रिशूली और भोटे कोशी नदी तंत्र में जलस्तर बढ़ने की खबर है। वहीं, तिब्बत की ओर बने एक जल बांध के दोबारा टूटने की सूचना से खतरा और बढ़ गया है। तेज बहाव और मलबे की आशंका को देखते हुए राहत एवं सड़क निर्माण में जुटे वाहनों और बचाव दलों को सुरक्षित स्थानों पर वापस बुलाया गया।
भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने की कोशिशें तेज
आपदा के बीच भारत सरकार और नेपाल प्रशासन भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए लगातार संपर्क में हैं। तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकालकर काठमांडू पहुंचाया गया है। भारतीय दूतावास की ओर से भी प्रभावित भारतीयों की सहायता और सुरक्षित वापसी के प्रयास जारी हैं।
आपात बैठक कर रहे नेपाल के प्रधानमंत्री
बाढ़ और भूस्खलन से बिगड़े हालात को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने सिंह दरबार में आपात कैबिनेट बैठक बुलाई है। बैठक में प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव अभियान, पुनर्वास और आगे की आपदा प्रबंधन रणनीति पर चर्चा की जा रही है।




