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रक्षा, क्लीन एनर्जी और AI के लिए छत्तीसगढ़ बनेगा Critical Minerals का बड़ा केंद्र

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० आठवीं ट्रेंच में छत्तीसगढ़ के पांच ब्लॉक नीलामी के लिए शामिल, मुख्यमंत्री ने निवेशकों से सक्रिय भागीदारी का किया आह्वान
० ई-रेत संगवारी और टिन पोर्टल से आम लोगों व आदिवासी परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ

० पीएम आवास हितग्राहियों को सस्ती रेत और दंतेवाड़ा में टिन कारोबार को पारदर्शी बनाने की पहल

रायपुर। रक्षा उपकरणों, क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती तकनीकों के लिए जरूरी महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ तेजी से अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। राज्य में लिथियम, ग्रेफाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, टंग्स्टन, वैनेडियम और गैलियम समेत कई महत्वपूर्ण खनिजों की संभावनाएं मौजूद हैं। इससे छत्तीसगढ़ भारत की रणनीतिक मिनरल सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बन सकता है।

नवा रायपुर में भारत सरकार के खान मंत्रालय की ओर से महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी की आठवीं ट्रेंच को लेकर रोड शो आयोजित किया गया। इस दौरान छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा और निवेश की संभावनाओं को निवेशकों के सामने रखा गया। आठवीं ट्रेंच में देश के सात राज्यों के कुल 20 खनिज ब्लॉक नीलामी के लिए शामिल किए गए हैं। इनमें पांच ब्लॉक छत्तीसगढ़ के हैं।

65 खनिज ब्लॉक्स की हो चुकी नीलामी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निवेशकों से छत्तीसगढ़ के खनिज ब्लॉक्स की नीलामी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। राज्य में अब तक 65 खनिज ब्लॉक्स की नीलामी की जा चुकी है। सरकार के अनुसार, इनसे करीब 4 लाख करोड़ रुपये के संभावित राजस्व की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लिथियम, ग्रेफाइट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे महत्वपूर्ण खनिज बैटरी, ऊर्जा भंडारण, इलेक्ट्रॉनिक्स, ड्रोन, रक्षा उपकरण और उन्नत विनिर्माण के लिए बेहद अहम हैं। ऐसे में इन खनिजों के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की संभावनाएं देश के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं।

इन इलाकों में महत्वपूर्ण खनिजों की संभावनाएं

राज्य में अलग-अलग क्षेत्रों में महत्वपूर्ण खनिजों की संभावनाएं सामने आई हैं। कटघोरा और बस्तर क्षेत्र में लिथियम एवं रेयर अर्थ एलिमेंट्स, जबकि बलरामपुर में ग्रेफाइट, वैनेडियम और गैलियम की संभावनाएं बताई गई हैं। इसके अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में निकेल और क्रोमियम जैसे खनिजों की मौजूदगी की भी संभावनाएं हैं।

खनिजों की खोज के लिए पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 40 एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। इस दौरान 2,800 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में जियोलॉजिकल सर्वे भी पूरा किया गया है।

खनन के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खनिज विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दे रही है। सरकार के मुताबिक सतत खनन के प्रयासों के चलते छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्र में 1.22 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

ई-रेत संगवारी और टिन पोर्टल लॉन्च

रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ई-रेत संगवारी पोर्टल और टिन पोर्टल का शुभारंभ भी किया।

ई-रेत संगवारी के जरिए प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रियायती दर पर रेत उपलब्ध कराने की व्यवस्था को आसान और पारदर्शी बनाया जाएगा। इससे पीएम आवास के लाभार्थियों को निर्माण कार्य के लिए सस्ती दर पर रेत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सुगम होने की उम्मीद है।

वहीं, दंतेवाड़ा में टिन से जुड़े आदिवासी परिवारों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और टिन की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से टिन पोर्टल शुरू किया गया है।कार्यक्रम के दौरान खनिज क्षेत्र में वित्तीय सहयोग और कोरन्डम कटिंग-पॉलिशिंग प्रशिक्षण को लेकर एमओयू भी किए गए।

आत्मनिर्भर भारत के लिए महत्वपूर्ण हैं Critical Minerals

केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता भारत की आर्थिक और सामरिक शक्ति के लिए जरूरी है। उन्होंने निवेशकों, युवाओं और स्टार्टअप्स से इस क्षेत्र में मौजूद अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।उन्होंने कहा कि खनन के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के हितों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

खनन से आगे प्रोसेसिंग और रोजगार पर फोकस

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि खनिज ब्लॉक्स की नीलामी का वास्तविक लाभ सिर्फ खनन तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसका असर अन्वेषण, निवेश, प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और रोजगार के रूप में दिखाई देना चाहिए।

उन्होंने खनन क्षेत्रों में आवास, परिवहन, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के सुनियोजित विकास पर भी जोर दिया।

देश में 88 Critical Mineral Blocks की नीलामी प्रक्रिया शुरू

खान मंत्रालय के सचिव केशव चंद्र ने बताया कि देश में अब तक 88 क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इनमें से 56 ब्लॉक्स की सफलतापूर्वक नीलामी हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि भारत के पहले लिथियम युक्त खनिज ब्लॉक की नीलामी छत्तीसगढ़ के कटघोरा लिथियम एवं रेयर अर्थ एलिमेंट ब्लॉक से हुई है। नीलामी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निवेशक अनुकूल बनाने के लिए समयबद्ध स्वीकृतियों, माइलस्टोन आधारित अनुपालन और यूनिफाइड माइनिंग पोर्टल जैसे कदम उठाए गए हैं।

छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और नीलामी की प्रक्रिया तेज होने से राज्य में निवेश, खनिज आधारित उद्योग, प्रोसेसिंग और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही, लिथियम और रेयर अर्थ जैसे रणनीतिक खनिजों की उपलब्धता भारत की आत्मनिर्भरता और रणनीतिक आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूती दे सकती है।