ब्रह्माकुमारी हेमा दीदी ने विधायक, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को बांधी राखी, दिया पवित्रता और सेवा का संदेश

राजिम। रक्षाबंधन के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, राजिम की बहनों ने पर्व को आध्यात्मिक भाव और उत्साह के साथ मनाया। ब्रह्माकुमारी हेमा दीदी, ब्रह्माकुमारी अनसूया बहन और ब्रह्माकुमारी रीना बहन ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और समाज के प्रमुख लोगों को रक्षा सूत्र बांधा और रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व का संदेश दिया।
ब्रह्माकुमारी हेमा दीदी ने राजिम विधायक रोहित साहू, पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय, नगर पालिका अध्यक्ष महेश यादव, पार्षद अजय पटेल, एसडीएम विशाल महाराने, तहसीलदार मंजू बांगे, श्याम अग्रवाल और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रेखा सोनकर सहित अन्य लोगों को राखी बांधी।
हेमा दीदी ने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक लौकिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के गौरव और आध्यात्मिक जागृति का प्रतीक है। सामान्य रूप से बहन भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है और भाई उसकी रक्षा का संकल्प लेता है। वहीं, ब्रह्माकुमारी बहनें रक्षा सूत्र के माध्यम से परमपिता परमात्मा शिव से जुड़ने और पवित्रता, सुख एवं शांति का संकल्प लेने का संदेश देती हैं।
उन्होंने कहा कि सच्ची रक्षा तभी संभव है, जब मनुष्य अपने भीतर के क्रोध, लोभ, हिंसा और अहंकार जैसे विकारों को समाप्त करे। मन की शुद्धता से आंतरिक शक्तियां जागृत होती हैं और व्यक्ति आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनता है।
हेमा दीदी ने तिलक, मुख मीठा कराने और प्रतिज्ञा के आध्यात्मिक अर्थ को भी समझाया। उन्होंने कहा कि तिलक आत्मिक स्थिति में स्थिर रहने और बुद्धि के तीसरे नेत्र को जागृत रखने का प्रतीक है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से उन्होंने क्षेत्र की जनता की सेवा में इसी आत्मिक चेतना को बनाए रखने का आह्वान किया।
वहीं, मुख मीठा कराने का अर्थ वाणी में मधुरता, शुभ भावना और शुभकामना बनाए रखना है। उन्होंने सभी से जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प लेने का आग्रह किया।
ब्रह्माकुमारी बहनों ने लोगों को राजिम के आमापारा स्थित स्थानीय ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र आने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने बताया कि सेवा केंद्र में सुबह 6 से 11 बजे और शाम 5 से 8 बजे तक सेवा उपलब्ध रहती है। लोगों से प्रतिदिन एक घंटे के लिए राजयोग मेडिटेशन सीखने और आध्यात्मिक शांति की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया गया।





