Rahul Gandhi Defamation Case: राहुल गांधी को बॉम्बे हाईकोर्ट से झटका, 2019 का समन रद्द करने से इनकार; जानें क्या है पूरा मामला

मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ 2018 में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बॉम्बे हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने 2019 में मजिस्ट्रेट अदालत की ओर से जारी समन को रद्द करने की उनकी मांग खारिज कर दी है।
न्यायमूर्ति एनआर बोरकर की एकल पीठ ने राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट के आदेश में ऐसी कोई कानूनी खामी या विकृति नहीं है, जिसके आधार पर हाईकोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़े।
मजिस्ट्रेट के आदेश में नहीं मिली कानूनी गलती
राहुल गांधी ने गिरगांव मजिस्ट्रेट की ओर से 28 अगस्त 2019 को जारी आदेश को चुनौती दी थी। इस आदेश में उनके खिलाफ दायर मानहानि शिकायत पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे।
हाईकोर्ट ने आदेश में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए राहुल गांधी की याचिका खारिज कर दी।हालांकि, कोर्ट ने नवंबर 2021 के अपने उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसके तहत मजिस्ट्रेट अदालत को मानहानि की शिकायत पर सुनवाई छह सप्ताह के लिए टालने का निर्देश दिया गया था। ऐसे में राहुल गांधी के पास राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने का रास्ता खुला है।
क्या है राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला?
मामला वर्ष 2018 में राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणी से जुड़ा है।
शिकायतकर्ता एमएच श्रीश्रीमल ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने खुद को भाजपा का सदस्य बताया था।
शिकायत के मुताबिक, सितंबर 2018 में राजस्थान में एक सार्वजनिक सभा के दौरान राहुल गांधी ने राफेल सौदे को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ ‘कमांडर-इन-थीफ’ टिप्पणी की थी।
सोशल मीडिया पोस्ट का भी जिक्र
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी ने बाद में अपने निजी एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें प्रधानमंत्री के लिए इसी तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया गया।
इसी शिकायत के आधार पर गिरगांव मजिस्ट्रेट ने 2019 में कानूनी प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया था, जिसे राहुल गांधी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।फिलहाल हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद मामले में राहुल गांधी के लिए सुप्रीम कोर्ट का विकल्प खुला हुआ है।




