बंडा जहरीली शराब कांड में बड़ा एक्शन! 20 हजार का इनामी मुख्य आरोपी शॉर्ट एनकाउंटर में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली

सागर। मध्य प्रदेश के बंडा में जहरीली शराब कांड के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। शराब कांड के मुख्य आरोपी और अंतरराज्यीय शराब तस्कर रवि लखेरा को पुलिस ने शुक्रवार तड़के शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जंगल में पुलिस से हुई मुठभेड़
पुलिस के मुताबिक, रवि लखेरा घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था। शुक्रवार तड़के मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी बरायठा के जंगल में हनुमान टोंग मंदिर के आसपास छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी।
पुलिस का दावा है कि खुद को घिरा देखकर रवि लखेरा ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा के लिए गोली चलाई, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया और उपचार के लिए अस्पताल भेजा।
पूछताछ में खुल सकते हैं शराब नेटवर्क के राज
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी जहरीली शराब मामले की जांच में अहम कड़ी है। अब आरोपी से पूछताछ के जरिए अवैध शराब के पूरे नेटवर्क, सप्लाई चैन और इसमें शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटाने की कोशिश की जाएगी।
पुलिस की अलग-अलग टीमें फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। सागर और आसपास के जंगलों में भी सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
रवि पर था 20 हजार का इनाम
पुलिस ने रवि लखेरा की गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। वहीं फरार आरोपी संदीप लोधी उर्फ यशवंत सिंह ठाकुर और शिवान्जय ठाकुर पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित है।
जहरीली शराब से मौतों का आंकड़ा बढ़ा
बंडा में जहरीली शराब पीने के बाद करीब 90 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ गई थी। गुरुवार को एक और मौत के बाद अनधिकृत आंकड़ों के मुताबिक मृतकों की संख्या 29 तक पहुंच गई है, जबकि प्रशासन ने अब तक 16 मौतों की पुष्टि की है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। साथ ही प्रदेशभर में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज कर दी गई है।
CM ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को मेडिकल कॉलेज पहुंचकर जहरीली शराब पीड़ित मरीजों से मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।




