पंडित वामन राव लाखे की 154वीं जयंती पर आयोजन, प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र हुए सम्मानित

रायपुर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, शिक्षाविद और सहकारिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले पंडित वामन राव लाखे की 154वीं जयंती पर शिक्षा प्रचारक समिति द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय और वामन राव लाखे उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में स्कूल स्तर पर हुई विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अंजनी कुमार शुक्ला, पूर्व अध्यक्ष निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग, रायपुर तथा लोक गायक दिलीप सारंगी सहित शिक्षाविद एवं ट्रस्टी अजय तिवारी, अनिल तिवारी, आरके गुप्ता, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवाशीष मुखर्जी, विद्यालय की प्राचार्य डॉ. भारती यादव, प्राचार्य मंजू साहू, आशा सहित महाविद्यालय और विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
देश की आजादी के आंदोलन में निभाई अहम भूमिका
मुख्य अतिथि अंजनी कुमार शुक्ला ने पंडित वामन राव लाखे के व्यक्तित्व और योगदान को याद करते हुए कहा कि लाखे जी ने गरीब और किसानों की सहायता के लिए कानूनी लड़ाइयां लड़ीं। महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित होकर उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि लाखे जी ने पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में पत्र-पत्रिकाओं का संपादन किया और शिक्षा के क्षेत्र में कई संस्थाओं की स्थापना में योगदान दिया। उन्होंने जिला सहकारी बैंक की स्थापना के साथ बलौदाबाजार में किसान राइस मिल की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अंजनी कुमार शुक्ला ने कहा कि बाल गंगाधर तिलक से प्रभावित होकर लाखे जी विदेशी वस्त्र बहिष्कार आंदोलन और होम रूल आंदोलन से भी जुड़े। उनके जीवन और कार्यों से नई पीढ़ी को प्रेरणा लेने की जरूरत है।
लाखे जी के विचार आज भी प्रासंगिक
लोक गायक दिलीप सारंगी ने कहा कि यह उनके लिए गौरव की बात है कि वे ऐसे शिक्षण संस्थान का हिस्सा हैं, जो पंडित वामन राव लाखे की स्मृति और विचारों को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहा है।
शिक्षाविद एवं ट्रस्टी अजय तिवारी और अनिल तिवारी ने भी पंडित लाखे के व्यक्तित्व और उनके कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को प्रेरित करने के लिए लाखे जी के बताए मार्ग और उनके आदर्शों को अपनाते हुए नई दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है।
इन विद्यार्थियों को मिला पुरस्कार
आयोजन के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
चित्रकला प्रतियोगिता: हुसैन निराला, पायल विश्वकर्मा, चेतन सोना, सौम्या ठाकुर, गौहर परवीन और जाह्नवी बारिक।
बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट प्रतियोगिता: अफरीदी, कुमारी जरीना बानो, जरीन खान और चंचल सोना।
निबंध प्रतियोगिता: जितेश कुमार चंद्रवंशी और यशी देवांगन।
रंगोली प्रतियोगिता: कुमारी तरवीन, पायल विश्वकर्मा, अल्फिया, हर्षिका, पायल मारकंडे और जाह्नवी बारिक सहित अन्य प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की शिक्षिका डॉ. किरण अग्रवाल ने किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवाशीष मुखर्जी ने आभार व्यक्त करते हुए पंडित वामन राव लाखे के जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला।





