सतत प्रगति का आकलन: महंत कॉलेज में प्रथम सतत मूल्यांकन परीक्षा प्रारंभ

रायपुर । महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति NEP-2020 के प्रावधानों के अनुरूप शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रथम सतत मूल्यांकन परीक्षा प्रारंभ हो गई है । परीक्षा में विभिन्न संकायों एवं पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थी निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार सम्मिलित हो रहे हैं।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवाशीष मुखर्जी ने कहा कि सतत मूल्यांकन विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का नियमित एवं वस्तुनिष्ठ आकलन सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि NEP-2020 के अनुरूप परीक्षा एवं मूल्यांकन व्यवस्था को अधिक विद्यार्थी-केंद्रित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए महाविद्यालय निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विद्यार्थियों से परीक्षा में अनुशासन एवं गंभीरता के साथ उपस्थिति का आह्वान किया।
परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए महाविद्यालय के आंतरिक परीक्षा प्रभारी डॉ. अनुपमा जैन, प्रो. सुधीर जैन, प्रो. प्रीतम दास द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं । परीक्षा के दौरान निर्धारित नियमों एवं अनुशासन का पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों एवं परीक्षा-व्यवस्था से जुड़े प्राध्यापकों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं ।
महाविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि सतत मूल्यांकन की यह व्यवस्था विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता में वृद्धि के साथ-साथ उनमें नियमित अध्ययन, आत्ममूल्यांकन एवं उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी ।





