Chhattisgarh Coal Scam: कुमार विश्वास के कार्यक्रम के लिए 25 लाख की “व्यवस्था”? EOW चार्जशीट में देवेंद्र यादव-सूर्यकांत तिवारी की चैट का जिक्र

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कोल स्कैम मामले की जांच में एक और बड़ा दावा सामने आया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण विंग (EOW) की ओर से कोर्ट में पेश किए गए छठवें पूरक चालान में चर्चित कवि डॉ. कुमार विश्वास के खैरागढ़ में हुए एक कार्यक्रम से जुड़ी कथित वित्तीय व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, कार्यक्रम के लिए 25 लाख रुपये की व्यवस्था कोल स्कैम से जुड़े पैसों से किए जाने का दावा किया गया है।
EOW के पूरक चालान के पेज नंबर 66-67 में इस संबंध में जानकारी दर्ज होने की बात कही गई है। एजेंसी ने कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव और मामले के मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी के बीच 5 अप्रैल 2022 को हुई कथित WhatsApp चैट को इसका आधार बनाया है।
चैट में 25 लाख की व्यवस्था का जिक्र
जांच एजेंसी के अनुसार, दोनों के बीच हुई बातचीत और डिजिटल साक्ष्यों के स्क्रीनशॉट को पूरक चालान में शामिल किया गया है। EOW की समरी के मुताबिक, खैरागढ़ में आयोजित डॉ. कुमार विश्वास के कार्यक्रम के लिए 25 लाख रुपये की व्यवस्था किए जाने का उल्लेख चैट में है।
हालांकि, इस राशि के वास्तविक भुगतान, उसके स्रोत और कार्यक्रम से जुड़े वित्तीय लेन-देन को लेकर अंतिम निष्कर्ष अदालत की कार्यवाही में सामने आए तथ्यों पर निर्भर करेगा।
चुनावी क्षेत्र में करोड़ों रुपये पहुंचाने का दावा
EOW की जांच में मार्च और अप्रैल 2022 के दौरान करीब 3 करोड़ रुपये की रकम चुनाव क्षेत्र में पहुंचाए जाने का भी दावा किया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस रकम का इस्तेमाल स्थानीय व्यवस्थाओं, चुनाव प्रचार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों समेत विभिन्न गतिविधियों में किए जाने की बात सामने आई है।
इसी क्रम में कुमार विश्वास के कार्यक्रम के लिए 25 लाख रुपये की कथित व्यवस्था का उल्लेख किया गया है।
डायरी और गवाहों के बयान भी जांच का हिस्सा
एजेंसी ने मामले की जांच के दौरान जब्त की गई डायरी और कथित तौर पर रकम पहुंचाने वाले लोगों के बयानों को भी साक्ष्य के तौर पर शामिल किया है। EOW का दावा है कि इन दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पैसों के लेन-देन की कड़ियों की जांच की गई है।
फिलहाल, ये सभी दावे EOW की चार्जशीट में दर्ज जांच निष्कर्ष और आरोपों पर आधारित हैं। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगी।




