Jio Platforms IPO: खुलते ही मचा धमाल! 30 मिनट में QIB कैटेगरी 2 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब, जानें प्राइस बैंड और GMP

Business News: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को बोली शुरू होते ही संस्थागत निवेशकों का जबरदस्त समर्थन मिला। बुधवार सुबह करीब 10 बजे तक योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 2.86 गुना सब्सक्राइब हो गया। कंपनी का यह इश्यू करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटाने के लक्ष्य के साथ बाजार में उतरा है। सफल होने पर यह मूल्य के लिहाज से भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है।
10 मिनट में पूरी हुई QIB हिस्से की पहली सदस्यता
सूत्रों के मुताबिक, संस्थागत निवेशकों ने बोली शुरू होते ही आईपीओ में दिलचस्पी दिखाई। क्यूआईबी श्रेणी के लिए आरक्षित 4,90,07,827 शेयरों के मुकाबले मांग तेजी से बढ़ी। बताया गया कि यह हिस्सा महज 10 मिनट में एक गुना और आधे घंटे से भी कम समय में दो गुना से अधिक सब्सक्राइब हो गया।
हालांकि, शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक उस समय पूरा आईपीओ कुल मिलाकर 0.83 गुना सब्सक्राइब हुआ था। यह इश्यू बुधवार को खुला और 23 अक्टूबर को बंद होने वाला है।
भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है जियो का इश्यू
जियो प्लेटफॉर्म्स का लक्ष्य शेयरों के नए इश्यू के जरिए करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटाना है। इसमें ऑफर-फॉर-सेल यानी मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बेचने का हिस्सा शामिल नहीं है।
इस आकार के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ Hyundai Motor India के 2024 में आए 27,870 करोड़ रुपये के इश्यू को पीछे छोड़ सकता है। कंपनी के शेयरों का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। ऊपरी मूल्य सीमा पर कंपनी का अनुमानित मूल्यांकन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये बताया गया है।
टेलीकॉम से आगे AI और क्लाउड पर जियो का फोकस
जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी के मुताबिक, कंपनी अब केवल दूरसंचार सेवाओं तक सीमित नहीं रहना चाहती। उसका जोर तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड और डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर है।
आकाश अंबानी ने कंपनी के नेटवर्क, इन-हाउस 5G कोर और क्लाउड-नेटिव रेडियो एक्सेस नेटवर्क को उसकी तकनीकी क्षमता का हिस्सा बताया। कंपनी का बड़ा ग्राहक आधार उसकी प्रमुख ताकत है। अब चुनौती इस आधार को डिजिटल सेवाओं और एंटरप्राइज तकनीक से अधिक राजस्व में बदलने की होगी।
निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं?
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी इस बात पर भी निर्भर करेगी कि कंपनी अपने मौजूदा ग्राहक आधार से भविष्य में कितनी कमाई कर पाती है। डिजिटल सेवाओं, एआई और क्लाउड कारोबार में विस्तार कंपनी की वृद्धि की संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है।
अनौपचारिक बाजार में आईपीओ के शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) करीब 275 रुपये बताया गया था। इस आधार पर संभावित लिस्टिंग मूल्य लगभग 1,394 रुपये निकाला जा रहा था, जो ऊपरी इश्यू प्राइस से करीब 25 फीसदी अधिक है।




