Sharad Purnima 2026: आज रात चांदनी में कब रखें खीर? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा का समय और मां लक्ष्मी की आराधना का महत्व

Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा की रात को धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बेहद खास माना जाता है। इस दिन चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने और मां लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा है। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणें अमृत के समान लाभकारी होती हैं। इस अवसर पर कई लोग रात में जागरण करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना से मां लक्ष्मी की आराधना करते हैं। आइए जानते हैं खीर रखने का शुभ समय, पूजा का मुहूर्त और इस पर्व का धार्मिक महत्व।
शरद पूर्णिमा 2026: चांदनी में खीर रखने का शुभ मुहूर्त
पंडित राकेश झा के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात दूध और चावल से बनी खीर को चंद्रमा की रोशनी में रखने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि इस रात चंद्रमा की किरणों से खीर अमृततुल्य हो जाती है। खीर को ढकने के लिए साफ, पतले मलमल के कपड़े का इस्तेमाल किया जा सकता है, ताकि वह धूल-मिट्टी और कीड़ों से सुरक्षित रहे।
पंचांग की गणना के अनुसार, खीर रखने के लिए बताए गए निशिता काल का समय रात 11:40 बजे से 12:31 बजे तक है। हालांकि, मुहूर्त स्थान और पंचांग के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
शरद पूर्णिमा पूजा मुहूर्त 2026
शरद पूर्णिमा पर शाम के समय पूजा और मां लक्ष्मी की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। दिए गए पंचांग के अनुसार शुभ चौघड़िया और अमृत चौघड़िया का समय इस प्रकार है:
- शुभ चौघड़िया: शाम 5:42 बजे से 7:18 बजे तक
- अमृत चौघड़िया: शाम 7:18 बजे से 8:54 बजे तक
पूजा का समय तय करने से पहले अपने शहर के स्थानीय पंचांग से तिथि और मुहूर्त की पुष्टि जरूर कर लें।
शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की पूजा क्यों की जाती है?
शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और जागकर उनकी आराधना करने वाले भक्तों पर कृपा बरसाती हैं। इसी मान्यता के कारण कई लोग रात में जागरण करते हैं।
इस दिन शाम को घर के मंदिर में घी का दीपक जलाकर मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। उन्हें खीर, फल और मिठाई का भोग लगाया जाता है। कुछ परिवारों में भगवान सत्यनारायण की कथा करने की परंपरा भी है।
शरद पूर्णिमा पर इन बातों का रखें ध्यान
- पूजा के दौरान घर और पूजास्थल को साफ रखें।
- मां लक्ष्मी को खीर, फल और मिठाई अर्पित करें।
- खीर को बाहर रखते समय धूल, कीड़ों और जानवरों से सुरक्षित रखें।
- धार्मिक मान्यताओं का पालन अपनी परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार करें।
ध्यान दें: चंद्रमा की रोशनी में रखी खीर को अमृततुल्य मानना धार्मिक आस्था से जुड़ी मान्यता है, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं। खीर को खुले में असुरक्षित तरीके से रखने के बजाय साफ, ढके हुए बर्तन में रखें।




