Cyclone Alert: छत्तीसगढ़ में चक्रवात का खतरा! 7 SDRF टीमें अलर्ट, 28 अक्टूबर को भारी बारिश की आशंका

रायपुर। बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के खतरे को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। दक्षिण बस्तर में 28 अक्टूबर को भारी बारिश की आशंका के बीच आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। राज्य में एसडीआरएफ की सात टीमें जरूरी उपकरणों के साथ तैयार हैं। वहीं, जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत शिविर संचालित करने की व्यवस्था भी की गई है।
कैबिनेट सचिव ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से की चर्चा
चक्रवाती तूफान से निपटने की तैयारियों को लेकर भारत सरकार के कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने सोमवार को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम करने और राहत-बचाव कार्यों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
छत्तीसगढ़ की ओर से मंत्रालय महानदी भवन से अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ बैठक में शामिल हुए। उन्होंने राज्य में चक्रवात के संभावित प्रभावों को देखते हुए की जा रही तैयारियों की जानकारी दी।
दक्षिण बस्तर में भारी बारिश की आशंका, टीमें तैयार
अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने बताया कि संभावित आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। दक्षिण बस्तर क्षेत्र में 28 अक्टूबर को भारी बारिश की आशंका को ध्यान में रखते हुए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
राज्य में एसडीआरएफ की सात टीमें आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार हैं। इसके अलावा होमगार्ड और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें भी आपात परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार रखी गई हैं।
राहत शिविरों से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं तक इंतजाम
संभावित प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों, स्वास्थ्य सुविधाओं, खाद्य सामग्री, परिवहन और संचार व्यवस्था से संबंधित तैयारियां की गई हैं। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत शिविरों के संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
राज्य शासन का लक्ष्य संभावित आपदा के दौरान जनहानि को रोकना और प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराना है। इसके लिए संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
चक्रवात के दौरान शून्य जनहानि पर जोर
बैठक में कैबिनेट सचिव ने चक्रवात के दौरान शून्य जनहानि के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने पेड़ों के गिरने, दीवारों के ढहने और यातायात के दौरान लापरवाही के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बरतने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने प्रभावी चेतावनी प्रणाली विकसित करने, जरूरत पड़ने पर समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राज्य शासन तथा जिला प्रशासन के बीच नियमित संवाद एवं समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
फिलहाल, संभावित चक्रवाती परिस्थितियों को देखते हुए छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक तैयारियां जारी हैं। मौसम की स्थिति और विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।





