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Gold-Silver Price Crash: धनतेरस से पहले सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, एक घंटे में चांदी 4,429 रुपये टूटी; जानें MCX का ताजा भाव

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नई दिल्ली। दिवाली और धनतेरस से ठीक पहले सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। त्योहारी खरीदारी की तैयारी कर रहे ग्राहकों के लिए यह राहत भरी खबर है। मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार शुरू होते ही दोनों कीमती धातुओं के वायदा भाव में तेज गिरावट देखने को मिली। बाजार खुलने के करीब एक घंटे के भीतर चांदी 4,429 रुपये और सोना 1,386 रुपये तक सस्ता हो गया।

MCX पर सोने-चांदी का नया भाव क्या है?

मंगलवार सुबह घरेलू वायदा बाजार में भारी बिकवाली के साथ कारोबार शुरू हुआ। सुबह करीब 10 बजे दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 1,386 रुपये गिरकर 1,38,875 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।

वहीं, चांदी की कीमतों में और तेज गिरावट दर्ज की गई। दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी 2 प्रतिशत से अधिक टूटकर 4,429 रुपये नीचे आ गई और 1,79,200 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करने लगी।

सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट के पांच बड़े कारण

कमोडिटी विशेषज्ञों और बाजार विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक और घरेलू बाजार के कई कारकों ने कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बनाया है।

1. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल

अमेरिका में 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड 5 प्रतिशत से ऊपर पहुंचने से निवेशकों का रुझान बदल रहा है। बॉन्ड से मिलने वाले रिटर्न के मुकाबले सोने-चांदी पर नियमित ब्याज नहीं मिलता। ऐसे में कुछ निवेशक कीमती धातुओं से पैसा निकालकर बॉन्ड में लगा रहे हैं।

2. ऊंची ब्याज दरों का दबाव

अमेरिका में महंगाई, ईंधन की बढ़ती कीमतों और मध्य-पूर्व में ईरान से जुड़े तनाव के बीच फेडरल रिजर्व लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रख सकता है। इससे सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

3. मजबूत अमेरिकी डॉलर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर मजबूत होने से अन्य देशों के खरीदारों के लिए डॉलर में कारोबार होने वाला सोना महंगा हो जाता है। इससे वैश्विक मांग प्रभावित होती है।

4. शेयर बाजार में बिकवाली

इक्विटी बाजारों, खासकर टेक्नोलॉजी और एआई कंपनियों के शेयरों में गिरावट के बीच निवेशक नकदी जुटाने के लिए सोने-चांदी में मुनाफावसूली कर रहे हैं।

5. रिकॉर्ड तेजी के बाद मुनाफावसूली

इस साल जनवरी में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 5,595 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गया था। इसके बाद बड़े फंड और निवेशक ऊंचे भाव पर मुनाफा निकाल रहे हैं, जिसका असर कीमतों पर पड़ा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों पर दबाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले एक सप्ताह के दौरान सोने की कीमतों में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट आई है। इससे भाव लगभग एक साल के निचले स्तर के आसपास पहुंच गया है।

एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च एनालिस्ट (वाइस प्रेसिडेंट) जतिन त्रिवेदी के अनुसार, घरेलू बाजार में सोना करीब 1,38,300 रुपये और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स गोल्ड करीब 3,900 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है।

उनका मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों में कटौती को लेकर स्थिति स्पष्ट होने तक कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

आगे क्या रहेगी सोने की कीमतों की चाल?

बाजार के जानकारों के मुताबिक, आने वाले दिनों में घरेलू बाजार में सोने की कीमत 1,36,500 रुपये से 1,41,000 रुपये के दायरे में रह सकती है। अमेरिका की सख्त मौद्रिक नीति के चलते फिलहाल कीमतों में तेजी की संभावना सीमित मानी जा रही है।

हालांकि, धनतेरस और दिवाली के लिए खरीदारी की योजना बना रहे ग्राहकों को मौजूदा गिरावट आकर्षित कर सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी अवधि के निवेश के लिहाज से सोने की उपयोगिता और पोर्टफोलियो में इसकी अहमियत बनी हुई है।

खरीदारी से पहले रखें ध्यान: MCX के वायदा भाव और बाजार में मिलने वाले खुदरा सोने-चांदी के भाव अलग हो सकते हैं। आभूषण खरीदते समय शुद्धता, मेकिंग चार्ज और लागू करों की जानकारी जरूर लें।