पश्चिम एशिया संकट पर हाई अलर्ट: पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों संग की समीक्षा बैठक, 60 दिन के ईंधन का भरोसा

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक अहम बैठक की। यह बैठक डिजिटल माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें राज्यों की तैयारियों और आपात योजनाओं की समीक्षा की गई।
बैठक में आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल नहीं हुए। इन राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ अलग से बैठक कैबिनेट सचिवालय के जरिए आयोजित की जाएगी।
सरकार ने दी राहत—60 दिन का ईंधन भंडार सुरक्षित
इससे पहले केंद्र सरकार ने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि पश्चिम एशिया संकट का भारत पर फिलहाल कोई तात्कालिक असर नहीं पड़ेगा। सरकार के अनुसार, देश के पास लगभग 60 दिनों का पर्याप्त ईंधन भंडार उपलब्ध है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने जानकारी दी कि कच्चे तेल की आपूर्ति अगले दो महीनों के लिए पहले से सुनिश्चित कर ली गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने अग्रिम आयात व्यवस्था कर ली है, जिससे आपूर्ति सुचारु बनी हुई है।
कई देशों से आयात, जोखिम कम
सरकार के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित बाधाओं के बावजूद भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल आयात कर रहा है। इससे किसी एक क्षेत्र या मार्ग पर निर्भरता कम हो गई है और ऊर्जा सुरक्षा बनी हुई है।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि ईंधन की कमी से जुड़ी अफवाहों पर ध्यान न दें, क्योंकि देश की ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह स्थिर और नियंत्रित है।





