#प्रदेश

वेदांता पावर प्लांट हादसा: जनता कांग्रेस ने बनाई 7 सदस्यीय जांच समिति, प्रबंधन पर उठाए सवाल

Advertisement Carousel

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिला स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए हादसे को जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जेसीसीजे) ने दुखद, चिंताजनक और निंदनीय बताया है। पार्टी का कहना है कि यह घटना महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी और मुनाफाखोरी की मानसिकता का परिणाम प्रतीत होती है।

पार्टी अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा कि केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराकर मामले को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जिम्मेदारी उन प्रबंधन स्तर के निर्णयकर्ताओं तक तय होनी चाहिए, जो मुंबई और लंदन में बैठकर संचालन संबंधी फैसले लेते हैं।

उन्होंने इस मामले में हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश से निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कड़ी आपराधिक धाराओं में कार्रवाई करने और मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ तथा घायलों को 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है।
अमित जोगी ने यह भी कहा कि कंपनी द्वारा घोषित 35-35 लाख रुपए का मुआवजा और नौकरी का आश्वासन पीड़ित परिवारों के दर्द को कम करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उनके अनुसार, मानव जीवन का मूल्य इससे कहीं अधिक है।

7 सदस्यीय जांच समिति का गठन
घटना की जांच के लिए जेसीसीजे ने 7 सदस्यीय समिति गठित की है, जिसमें:

सुशील निर्मलकर (अध्यक्ष)

संतोशी रात्रे

नवीन अग्रवाल

अर्जुन राठौर

प्रशांत त्रिपाठी

आशीष सुमेर

प्रिंकल दास

यह समिति घटनास्थल का दौरा कर हादसे के कारणों, सुरक्षा व्यवस्थाओं और पीड़ितों को दी गई सहायता का विस्तृत अध्ययन करेगी। इसके बाद अपनी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष को सौंपेगी।
इस घटनाक्रम के बाद औद्योगिक सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।