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राम मंदिर चढ़ावा घोटाले की जांच तेज, PMO की नजर, आज अयोध्या पहुंचेगी SIT

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अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अब इस प्रकरण पर केंद्र सरकार भी सक्रिय नजर आ रही है। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंदिर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है। वहीं मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) सोमवार से अयोध्या में जांच शुरू करेगा।

एक सप्ताह पहले सामने आए इस मामले में कथित तौर पर गड़बड़ी के शुरुआती संकेत मिलने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं होने पर भी सवाल उठ रहे हैं। ट्रस्ट की ओर से मामले की आंतरिक जांच जारी है और ट्रस्ट कार्यालय के आसपास बाहरी लोगों की आवाजाही पर भी रोक लगाई गई है।

आज से जांच शुरू करेगी SIT

मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित एसआईटी में विजय विश्वास पंत, किरन एस और नील रतन शामिल हैं। टीम ट्रस्ट पदाधिकारियों, कर्मचारियों और चिन्हित संदिग्धों से पूछताछ करेगी। साथ ही ट्रस्ट की ओर से अब तक की गई जांच का पूरा रिकॉर्ड भी खंगाला जाएगा।

जांच केवल धन के लेन-देन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह भी देखा जाएगा कि कहीं किसी स्तर पर लापरवाही, संरक्षण या मिलीभगत तो नहीं हुई। किसी ट्रस्टी या अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उनके अधिकार सीमित किए जा सकते हैं।

नृपेंद्र मिश्र ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने रविवार को मंदिर परिसर में दानपेटियों और चढ़ावे के प्रबंधन की व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने नकदी संग्रह, सुरक्षा व्यवस्था और बैंक में जमा कराने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने एसआईटी जांच पर भरोसा जताते हुए कहा कि समिति की सिफारिशों को लागू किया जाएगा।

विनय कटियार नहीं कर पाए शिकायत

पूर्व सांसद और भाजपा नेता विनय कटियार ने पहले अधिकारियों से मिलकर शिकायत दर्ज कराने और एफआईआर की मांग करने की बात कही थी, लेकिन रविवार को वह अधिकारियों से मिले बिना ही लखनऊ रवाना हो गए।

सपा सांसद ने उठाए सवाल

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने मामले की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने राज्य सरकार की एसआईटी पर भरोसा न जताते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच समिति गठित करने की मांग की है।

ट्रस्ट कार्यालय में लगाया गया नया हाई-सिक्योरिटी लॉकर

मामले के सामने आने के बाद ट्रस्ट ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए हैं। ट्रस्ट कार्यालय में नया हाई-सिक्योरिटी लॉकर लगाया गया है, जिसमें दानपेटियों से प्राप्त नकदी, आभूषण और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं को सुरक्षित रखा जाएगा। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की देखरेख में यह व्यवस्था की गई है।