AI-171 विमान हादसे पर नया विवाद: पायलट्स फेडरेशन ने सरकारी रिपोर्ट पर उठाए गंभीर सवाल

नई दिल्ली। एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 दुर्घटना को लेकर एक नया विवाद सामने आ गया है। फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने हादसे की आधिकारिक जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि दुर्घटना की वजह पायलट की गलती नहीं, बल्कि विमान में आई गंभीर विद्युत (इलेक्ट्रिकल) खराबी हो सकती है। संगठन ने अपने सिम्युलेटर परीक्षणों के आधार पर जांच प्रक्रिया और निष्कर्षों पर गंभीर आपत्ति जताई है।
एफआईपी के अध्यक्ष कैप्टन सी.एस. रंधावा ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तकनीकी तथ्यों को नजरअंदाज किया गया और कुछ अनुभवी विमानन विशेषज्ञों को प्रक्रिया से दूर रखा गया। उनका कहना है कि हालिया सिम्युलेटर परीक्षणों में आधिकारिक रिपोर्ट की टाइमलाइन से अलग परिणाम सामने आए हैं।
सिम्युलेटर टेस्ट ने खड़े किए नए सवाल
एफआईपी के अनुसार, आधिकारिक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि इंजन की फ्यूल सप्लाई बंद होने के चार सेकेंड बाद बैकअप पावर सिस्टम ‘रैम एयर टर्बाइन’ सक्रिय हुआ था। जबकि संगठन का कहना है कि उनके परीक्षणों में ऐसी स्थिति में टर्बाइन को सक्रिय होने में लगभग 18 सेकेंड लगे, जिससे आधिकारिक निष्कर्षों पर सवाल खड़े होते हैं।
‘बिजली की खराबी’ की थ्योरी सामने आई
पायलट्स फेडरेशन का दावा है कि विमान में पहले से मौजूद किसी बड़ी इलेक्ट्रिकल खराबी के कारण सिस्टम प्रभावित हुआ, जिसने इंजन और अन्य महत्वपूर्ण नियंत्रण प्रणालियों को प्रभावित किया। संगठन का कहना है कि दुर्घटना से पहले विमान में बिजली संबंधी समस्याओं के संकेत भी मिले थे।
जांच में पारदर्शिता की मांग
एफआईपी ने कहा है कि उसने अपने सिम्युलेटर परीक्षणों का पूरा डेटा बोइंग और संबंधित विमानन प्राधिकरणों को सौंप दिया है। संगठन ने मांग की है कि अंतिम जांच रिपोर्ट जारी करने से पहले सभी तकनीकी पहलुओं की निष्पक्ष और पारदर्शी समीक्षा की जाए।




