लखनऊ अग्निकांड: SIT और फोरेंसिक जांच शुरू, 6 के खिलाफ FIR; 4 गिरफ्तार

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में हुए भीषण अग्निकांड की जांच तेज हो गई है। घटना के अगले दिन मंगलवार को एसआईटी और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा पूरी इमारत को सील कर जांच शुरू कर दी। फोरेंसिक विशेषज्ञ घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में एसी के कंप्रेसर फटने और शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा।
सीएम योगी ने गठित की एसआईटी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात उच्चस्तरीय बैठक कर मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के निर्देश दिए। एसआईटी में संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। जांच दल सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगा।
चार अधिकारी निलंबित
प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इनमें बिजली विभाग के एक्सईएन गौरव कुमार, फायर विभाग के एफएसएसओ कमलेंद्र कुमार सिंह, एलडीए के एई अनिल कुमार और जेई प्रमोद पांडे शामिल हैं। वहीं, एलडीए ने भी मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है।
6 आरोपियों पर केस, 4 गिरफ्तार
अलीगंज थाने में छह नामजद आरोपियों और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, पेट शॉप संचालक रामकृष्ण उपाध्याय, एनीमेशन सेंटर संचालक तुषार कृष्णा जायसवाल और किरायेदार सुरेश कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि धीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला की तलाश जारी है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) बबलू कुमार के अनुसार आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
15 छात्रों की दर्दनाक मौत
सोमवार दोपहर हुए इस हादसे में कोचिंग और एनीमेशन कोर्स कर रहे 15 छात्रों की जलकर मौत हो गई, जबकि कई छात्र गंभीर रूप से झुलस गए। जान बचाने के लिए इमारत से कूदने वाले नौ छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका इलाज जारी है।
वेयरहाउस से शुरू हुई आग
जानकारी के अनुसार, इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप, पहली मंजिल पर उसका वेयरहाउस और दूसरी मंजिल पर थ्री-डी एनीमेशन सेंटर, गेमिंग जोन व कोचिंग संचालित की जा रही थी। दोपहर करीब ढाई बजे वेयरहाउस में आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में लपटों ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। ऊपरी मंजिलों पर मौजूद छात्र बाहर नहीं निकल सके और हादसे का शिकार हो गए।
घटनास्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना अलीगढ़ दौरा बीच में छोड़कर लखनऊ लौट आए और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उनके निर्देश पर प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, डीजी फायर सुजीत पांडेय और पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सेंगर समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।
इस दर्दनाक हादसे ने राजधानी में भवन सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था और अवैध निर्माणों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां अब हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने में जुटी हैं।





