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CG विधानसभा: नक्सलवाद पर केंद्र के सहयोग के लिए CM साय ने जताया आभार, बोले- बस्तर अब शांति और विकास के नए दौर में

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दशकों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा बस्तर अब शांति, सुरक्षा और विकास के नए दौर की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयास, सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय लोगों के सहयोग से यह बदलाव संभव हुआ है।

शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने नक्सल विरोधी अभियानों में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान हमेशा देश को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, छत्तीसगढ़ पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका की सराहना की।

केंद्र सरकार की रणनीति का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सुरक्षा और विकास को साथ लेकर चलने की रणनीति अपनाई गई। 24 अगस्त 2024 को रायपुर में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद नक्सल उन्मूलन के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाई गई, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

पुनर्वास नीति से मुख्यधारा में लौटे लोग

उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए राज्य सरकार ने पुनर्वास नीति लागू की है। इसके तहत आर्थिक सहायता, भूमि, कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए, जिससे बड़ी संख्या में लोगों ने हिंसा छोड़कर सामान्य जीवन अपनाया।

‘बस्तर रोडमैप 2.0’ पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकार का पूरा ध्यान ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ के जरिए बस्तर के समग्र विकास पर है। इसके तहत पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और आधारभूत ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के माध्यम से 5,542 गांवों के 39 लाख से अधिक लोगों तक 31 सरकारी योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

सुरक्षा कैंप बनेंगे सेवा केंद्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा कैंपों को अब ‘शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां नागरिक सुविधाएं, सरकारी सेवाएं और आजीविका से जुड़ी गतिविधियां उपलब्ध होंगी।

स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास में बड़े कदम

मुख्यमंत्री के अनुसार—

34 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किया गया।
6.79 लाख परिवारों के राशन कार्ड बनाए गए।
17 लाख जनधन खाते, 24.66 लाख आधार कार्ड और 22 लाख आयुष्मान कार्ड बनाए गए।
1.18 लाख व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र वितरित किए गए।
3.89 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए गए।
बस्तर में 1.76 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत

हुए, जबकि नक्सल प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार अतिरिक्त आवास स्वीकृत किए गए।

421 बंद स्कूल दोबारा खुले

मुख्यमंत्री ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के 458 बंद स्कूलों में से 421 स्कूलों का संचालन दोबारा शुरू कर दिया गया है और 36 नए विद्यालयों को मंजूरी दी गई है।

रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी पर जोर

उन्होंने कहा कि 3,513 करोड़ रुपये की लागत से जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना पर काम जारी है। वहीं रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे का निर्माण अंतिम चरण में है और जगदलपुर की हवाई सेवाओं का भी विस्तार किया गया है।

युवाओं के लिए कौशल और खेल पर फोकस

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर के सभी विकासखंडों में कौशल प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों में 4 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी रही, जिससे युवाओं को सकारात्मक दिशा मिली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि बस्तर के लोगों के जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाना है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, विकास और जनकल्याण की एकीकृत रणनीति से बस्तर आज विश्वास, अवसर और समृद्धि की नई राह पर आगे बढ़ रहा है।