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CG विधानसभा मानसून सत्र: 136 आरोपों के साथ कांग्रेस का साय सरकार पर अविश्वास हमला, अजय चंद्राकर ने किया पलटवार

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया। कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर पूरे दिन चली बहस के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने साय सरकार पर 136 आरोपों का “आरोप-पत्र” पेश किया, जबकि भाजपा की ओर से वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल को निशाने पर लेते हुए एक-एक आरोप का जवाब दिया।

डॉ. महंत ने कहा कि यह केवल विपक्ष का नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता का अविश्वास है। उन्होंने कहा कि सरकार के 136 सप्ताह पूरे होने पर हर सप्ताह की एक नाकामी, एक धोखा और एक पाप का दस्तावेज सदन के सामने रखा गया है।

हसदेव, कानून-व्यवस्था और आदिवासी मुद्दों पर सरकार को घेरा

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार बनने के साथ ही हसदेव अरण्य में पेड़ों की कटाई शुरू कर दी गई, जबकि पिछली सरकार ने कॉल ब्लॉक निरस्त करने का सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया था। उन्होंने कहा कि हसदेव मध्य भारत का फेफड़ा है और वहां के आदिवासियों की आस्था से जुड़ा क्षेत्र है।

महंत ने कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाते हुए महिलाओं के खिलाफ अपराध, बलात्कार, हत्याओं, अवैध रेत खनन, नशे के बढ़ते कारोबार और प्रशासनिक विफलता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है और सरकार आलोचना तक बर्दाश्त नहीं कर पा रही।

किसान, शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी उठाए सवाल

डॉ. महंत ने किसानों की धान खरीदी, बिजली दरों में बढ़ोतरी, मनरेगा, महतारी वंदन योजना, माइक्रो फाइनेंस कंपनियों, स्कूलों के युक्तियुक्तकरण और शिक्षकों की कमी को लेकर सरकार पर हमला बोला।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में हजारों पद खाली हैं, बस्तर का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल निजी हाथों में सौंप दिया गया और ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है।

महतारी वंदन योजना पर विवादित टिप्पणी

महंत ने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिलने वाली राशि का फायदा शराब बिक्री के जरिए सरकार उठा रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार एक हाथ से पैसा देती है और दूसरे हाथ से शराब बेचकर उसकी भरपाई करती है।

संत पवन दीवान की कविता पर सदन में हंगामा

बहस के दौरान डॉ. महंत ने संत पवन दीवान की कविता का उल्लेख किया, जिसमें “छत्तीसगढ़िया परबुद्धि कहलाते हैं” पंक्ति पढ़ी। इस पर मंत्री ओपी चौधरी और भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कड़ी आपत्ति जताई। महंत ने स्पष्ट किया कि यह उनकी नहीं, बल्कि संत पवन दीवान की लिखी कविता है।

अजय चंद्राकर का पलटवार: ‘ऐसा विपक्ष किस काम का?’

सत्तापक्ष की ओर से जवाब देते हुए भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि विपक्ष की भूमिका सरकार पर निगरानी रखने की होती है, लेकिन कांग्रेस ने केवल औपचारिकता निभाई है।

उन्होंने कहा कि जिनके अपने घर शीशे के हों, उन्हें दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकना चाहिए। चंद्राकर ने पूर्ववर्ती भूपेश सरकार पर पीएससी भर्ती, भारतमाला परियोजना, शराब, गोबर योजना, सेस फंड, आवास योजना, राजीव मितान क्लब, वर्मी कंपोस्ट और विभिन्न योजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।

कांग्रेस नेतृत्व पर भी साधा निशाना

चंद्राकर ने नेता प्रतिपक्ष से पूछा कि उनकी निष्ठा छत्तीसगढ़ के प्रति है या किसी एक परिवार के प्रति। उन्होंने कांग्रेस के अंदरूनी नेतृत्व, मुख्यमंत्री बदलने की राजनीति और संगठन पर भी कटाक्ष किया।

साय सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं

भाजपा विधायक ने कहा कि साय सरकार ने 18 लाख प्रधानमंत्री आवास, 5 नए मेडिकल कॉलेज, रेलवे अधोसंरचना विकास, कौशल उन्नयन, धर्मांतरण विरोधी कानून और समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार प्रदेश की तस्वीर बदलने के लिए विजन के साथ काम कर रही है।

सदन में तंज और राजनीतिक नोकझोंक भी रही चर्चा में

बहस के दौरान मंत्री रामविचार नेताम, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के बीच कई बार तीखी नोकझोंक हुई। सदन में व्यंग्य, कटाक्ष और राजनीतिक टिप्पणियों के बीच अविश्वास प्रस्ताव पर जोरदार बहस देखने को मिली।