SECL में ‘माइन सेफ्टी एंड माइंड सेफ्टी’ कार्यक्रम आयोजित, मानसिक सुरक्षा को बताया सुरक्षित खदान की सबसे मजबूत नींव

० ‘SECL – इनर एक्सीलेंस सीरीज़’ का शुभारंभ, कर्मचारियों को सकारात्मक सोच, मेडिटेशन और सुरक्षित कार्य संस्कृति का दिया संदेश
बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) मुख्यालय में “सुरक्षित मन, सुरक्षित खदान” विषय पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में कर्मचारियों के मानसिक सशक्तिकरण, सुरक्षित कार्य संस्कृति और व्यक्तित्व विकास पर जोर दिया गया। राष्ट्रीय अभियान “पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन” के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि खदानों की सुरक्षा केवल आधुनिक तकनीक से नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सकारात्मक और संतुलित मानसिक दृष्टिकोण से भी सुनिश्चित होती है।
इस अवसर पर कर्मचारियों के व्यक्तित्व विकास और कार्यस्थल पर उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “SECL – इनर एक्सीलेंस सीरीज़” का भी शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन SECL और ब्रह्माकुमारीज़ के साइंटिस्ट्स, इंजीनियर्स एंड आर्किटेक्ट्स विंग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
“माइंड सेफ्टी ही माइन सेफ्टी की सबसे मजबूत नींव”
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और ब्रह्माकुमारीज़ के राष्ट्रीय समन्वयक बी.के. पीयूष भाई ने कहा कि “माइंड सेफ्टी ही माइन सेफ्टी की सबसे मजबूत नींव है।” उन्होंने कहा कि किसी भी खदान की वास्तविक सुरक्षा केवल मशीनों और तकनीक पर निर्भर नहीं करती, बल्कि वहां कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी के मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और सजगता पर भी आधारित होती है। उन्होंने स्मार्ट वर्क, वर्तमान में जीने की आदत, सौ प्रतिशत समर्पण और नियमित मेडिटेशन को सुरक्षित एवं उत्पादक कार्य संस्कृति की आधारशिला बताया।
“खुद को बेहतर बनाइए, देश निर्माण में योगदान दीजिए” : हरीश दुहन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं SECL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे स्वयं को लगातार बेहतर बनाने का प्रयास करें और सकारात्मक सोच व पूर्ण समर्पण के साथ अपने दायित्व निभाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कर्मचारी का उत्कृष्ट प्रदर्शन न केवल संस्था की सफलता, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।
दिलाई गई पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन की शपथ
कार्यक्रम के दौरान “SECL – इनर एक्सीलेंस सीरीज़” का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन के प्रति सामूहिक शपथ दिलाई गई। साथ ही विशेष मेडिटेशन सत्र आयोजित कर प्रतिभागियों को तनाव प्रबंधन, मानसिक शांति और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के व्यावहारिक उपाय बताए गए।
इस अवसर पर निदेशक (तकनीकी/संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, निदेशक (तकनीकी/योजना एवं परियोजना) रमेश चंद्र महापात्र, ब्रह्माकुमारीज़ की बीके मंजू दीदी सहित SECL मुख्यालय और विभिन्न क्षेत्रों के बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।





