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हर दिल अजीज.. कमल तिवारी; 43 साल की लंबी सेवा के बाद 31जुलाई को रिटायर्ड

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रायपुर। कमल तिवारी सत्ता के शीर्ष ब्यूरोक्रेट्स की बीच चर्चित चेहरा हैं। तिवारी कई टॉप के अफसरों के बेहद भरोसेमंद साथी रहे। उनके कई गुट के आईएएस के साथ नजदीकी ताल्लुकात रहे लेकिन कभी इधर की बात उधर और उधर की इधर नहीं किए। हर हाल में वे भरोसा बरकरार रखे। इसलिए वे शीर्ष अफसरों के चहेते भी रहे। कमल तिवारी ने माइनिंग विभाग के लिपिक से लेकर मंत्रालय में स्टॉफ ऑफिसर तक का लंबा सफर तय किया। कमल तिवारी अपनी कड़ी मेहनत के दम पर शीर्ष पायदान तक पहुंच पाए। उनके लगन और निष्ठा को देखकर अधिकारी उन्हें पुरस्कृत भी करते रहे। ऊंचे संपर्कों के बावजूद कमल तिवारी ने कभी भी अपनी जमीन नहीं छोड़ी। अपने संघर्ष के दिनों के साथी और आसपास के वलय के बीच हमेशा समरस में मौजूद रहे।

कमल तिवारी राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निज सहायक रहे। पिछली कांग्रेस सरकार में तत्कालीन नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया के निज सचिव भी रहे। कमल तिवारी डाउन टू अर्थ काम करने वाले लोगों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहते थे। उनको जानने वाले यह भी बताते हैं कि कमल तिवारी के मुँह से कभी ना नहीं निकलता था। वे व्यक्तिगत तौर पर भी लोगों की समस्याएं हल करने के लिये प्रयास करते रहते थे। ऐसे बहुत कम ही लोग होते हैं जो हर समय लोगों की मदद करने के लिए तत्पर रहते हैं। कमल तिवारी उस शख्सियत का नाम है। अतः उनके जन समुद्र का संसार बहुत व्यापक है।

बहरहाल कमल तिवारी 43 साल और 5 महीने की लंबी सेवा अवधि के बाद स्टॉफ ऑफिसर के पद से 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त हो गए। मंत्रालय, महानदी भवन में शुक्रवार को उन्हें विदाई दी गई। इस दौरान उनके सेवाकाल की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया। कई अधिकारी- कर्मचारियों ने उनके साथ बिताए अपने अनुभवों को भी साझा किया। मंत्रालयीन अधिकारी- कर्मचारी संघ के संरक्षक देवलाल भारती समेत अनेक लोगों ने कमल तिवारी की सेवानिवृत्ति पर शुभकामनाएं दी और उनके स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की कामना की।