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गरियाबंद में एक माह से दहशत फैला रहे तेंदुए का सुरक्षित रेस्क्यू, वन विभाग ने पिंजरे में किया कैद

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० केराबाहरा गांव में विशेष अभियान सफल, स्वास्थ्य परीक्षण के बाद विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर होगा आगे का निर्णय

रायपुर। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के केराबाहरा गांव में पिछले एक महीने से ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बने तेंदुए को वन विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। रिहायशी इलाके में लगातार आवाजाही और पालतू मवेशियों पर हमले की घटनाओं के बाद विभाग ने विशेष अभियान चलाकर तेंदुए को पिंजरे में कैद किया। पूरे अभियान के दौरान तेंदुए को किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंची।

वन मंत्री के निर्देश पर चला विशेष अभियान

वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर गरियाबंद वनमंडल के अंतर्गत ग्राम केराबाहरा (ग्राम पंचायत जोवा) में वन विभाग ने निगरानी बढ़ाते हुए केज ट्रैप लगाए थे। विभाग की रणनीति सफल रही और तेंदुआ सुरक्षित रूप से ट्रैप में कैद हो गया। इससे क्षेत्र में संभावित मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका टल गई।

लगातार निगरानी के बाद मिली सफलता

वनमंडलाधिकारी ससिगानंदन के. ने बताया कि तेंदुए की गतिविधियां पिछले कुछ समय से लगातार दर्ज की जा रही थीं। उसने पालतू पशुओं पर हमला किया था और स्कूल परिसर व आबादी वाले इलाकों के आसपास भी उसकी मौजूदगी देखी गई थी। इसे देखते हुए वन विभाग ने विशेष निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था लागू की थी।

रेस्क्यू टीम और केज ट्रैप की रणनीति रही कारगर

वनमंडलाधिकारी ससिगानंदन के., उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उप निदेशक वरुण जैन तथा वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश वर्मा के निर्देशन में केज ट्रैप लगाए गए थे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित लेपर्ड रेस्क्यू टीम को आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात किया गया था। अभियान से पहले मुख्य वन्यजीव वार्डन कार्यालय से आवश्यक अनुमति भी प्राप्त की गई थी।

स्वास्थ्य परीक्षण के बाद होगा अंतिम फैसला

रेस्क्यू के बाद तेंदुए को सुरक्षित निगरानी में रखा गया है। तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक दल उसके स्वास्थ्य, संभावित चोट और प्राकृतिक आवास में छोड़ने की उपयुक्तता का परीक्षण कर रहा है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट मिलने के बाद वन विभाग नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा।

वन विभाग की अपील

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेंदुए को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। यदि किसी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल नजदीकी वन अमले को सूचना दें। विभाग ने कहा है कि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।