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शराब दुकानों में गड़बड़ी पर सरकार का बड़ा एक्शन, CM साय की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दो आबकारी उपनिरीक्षक निलंबित

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० अधिक कीमत पर शराब बिक्री और अवैध सप्लाई के मामलों में कार्रवाई, सहायक जिला आबकारी अधिकारी के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों में अधिक कीमत पर बिक्री और अन्य अनियमितताओं के मामलों में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विभाग ने एक ही दिन दो आबकारी उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया, जबकि एक सहायक जिला आबकारी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा शासन को भेजी गई है।

दो आबकारी उपनिरीक्षक निलंबित

आबकारी आयुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की रोहासी देशी कम्पोजिट शराब दुकान में अधिक कीमत पर शराब बिक्री की शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करने और दुकान के सीसीटीवी सिस्टम को अद्यतन नहीं रखने के कारण आबकारी उपनिरीक्षक पी. माधव राव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

वहीं, बालोद जिले के वृत्त प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक आशा राम शाक्य को भी निलंबित किया गया है। जांच में सामने आया कि धमतरी जिले में जब्त 53 पेटी अवैध देशी और विदेशी शराब का स्रोत बालोद जिले की अरकार देशी कम्पोजिट शराब दुकान थी, जहां निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में थोक बिक्री की गई थी।

सहायक जिला आबकारी अधिकारी पर भी कार्रवाई की अनुशंसा

इसी मामले में अरकार शराब दुकान की प्रभारी एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलोफर जैन के शिथिल नियंत्रण और कर्तव्य में लापरवाही को गंभीर मानते हुए आबकारी आयुक्त ने उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग को भेज दी है।

CM साय का सख्त संदेश

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

आबकारी विभाग की चेतावनी

आबकारी विभाग ने साफ किया है कि शराब दुकानों में अधिक कीमत पर बिक्री, अवैध शराब की सप्लाई या नियमों के किसी भी उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने कहा कि आगे भी प्रदेशभर में निगरानी और जांच अभियान जारी रहेगा तथा अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।