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दिल्ली में H1N1 का बढ़ा खतरा, 14 दिन में मिले 433 नए मरीज; कुल आंकड़ा 1,777 पहुंचा

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस साल अब तक दिल्ली में 1,777 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। अकेले 20 अगस्त को 114 नए मरीज सामने आए। 6 अगस्त तक यह आंकड़ा 1,344 था, यानी महज 14 दिनों में 433 नए मामले दर्ज किए गए।

पिछले साल के मुकाबले करीब 8 गुना बढ़े मामले

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल इसी अवधि में दिल्ली में H1N1 के 229 मामले सामने आए थे। इस साल संक्रमित मरीजों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में करीब आठ गुना हो गई है।

20 अगस्त को सामने आए 114 नए मरीज दिल्ली के किन अस्पतालों में रिपोर्ट हुए, इसका विवरण स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के साथ की बैठक

स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को लेकर शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में राजधानी में H1N1 और मौसमी इन्फ्लूएंजा की स्थिति की समीक्षा की गई।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सरकारी अस्पतालों को पर्याप्त इलाज की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित इलाकों और संभावित हॉटस्पॉट पर निगरानी भी बढ़ाई गई है।

अस्पतालों में बनाए जा रहे अलग वार्ड

H1N1 मरीजों के लिए सरकारी अस्पतालों में अलग वार्ड तैयार किए जा रहे हैं। वहीं, संक्रमण के पैटर्न पर भी स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कदम उठाए जा सकें।

बुजुर्गों और बच्चों को ज्यादा सावधानी की जरूरत

विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव और उमस के कारण इन्फ्लूएंजा के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पहले से हृदय, फेफड़े या मधुमेह जैसी बीमारियों से जूझ रहे लोगों में संक्रमण गंभीर होने का खतरा अधिक रहता है।

तेज बुखार और लंबे समय तक खांसी को न करें नजरअंदाज

डॉक्टरों के अनुसार H1N1 संक्रमण में आमतौर पर तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। लंबे समय तक रहने वाली खांसी या तेज बुखार को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी जरूरी

विशेषज्ञों ने संक्रमण से बचने के लिए नियमित रूप से हाथ साफ करने, बीमार होने पर घर पर आराम करने और दूसरों के बेहद करीब जाने से बचने की सलाह दी है। जरूरत के अनुसार फ्लू वैक्सीनेशन भी कराया जा सकता है।