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Raipur Ganesh Visarjan: खारून नदी में नहीं होगा प्रतिमा विसर्जन, महादेव घाट पर निगम की खास तैयारी; क्रेन-गोताखोर से लेकर मेडिकल टीम तैनात

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रायपुर। राजधानी रायपुर में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रतिमाओं का विसर्जन खारून नदी में सीधे नहीं किया जाएगा, बल्कि महादेव घाट के पास बनाए गए निर्धारित विसर्जन कुंड में किया जाएगा। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने अधिकारियों को विसर्जन के दौरान सुरक्षा, यातायात, बिजली, सफाई और चिकित्सा समेत सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

खारून नदी में प्रतिमा विसर्जन पर रोक

गणेश उत्सव और विसर्जन के दौरान एनजीटी और शासन के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विसर्जन से पहले प्रतिमाओं के साथ मौजूद पूजन सामग्री को अलग कर निर्धारित स्थल पर रखा जाएगा। निगम के अनुसार, नदी के जल को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रतिमाओं का सीधे खारून नदी में विसर्जन नहीं किया जाएगा।

ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय कर कार्रवाई करने को कहा गया है। वहीं, सड़क पर यातायात बाधित करने वाले गणेश पंडालों को लेकर भी संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

महादेव घाट के लिए बनाई गई विशेष समिति

महादेव घाट स्थित विसर्जन स्थल पर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए नगर निगम ने अधिकारियों की विशेष समिति गठित की है। अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय को समिति का नोडल अधिकारी बनाया गया है।

समिति में राजेश राठौर, इमरान खान, आभास मिश्रा, जोन-8 कमिश्नर राजेश्वरी पटेल, जोन-5 कमिश्नर खीरसागर नायक और उपायुक्त स्वास्थ्य जसदेव बाबरा को शामिल किया गया है।

समिति की जिम्मेदारी क्रेन, शामियाना, प्रकाश व्यवस्था, माइक, कंट्रोल रूम, गोताखोर और चिकित्सा सुविधा समेत जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की होगी।

क्रेन, गोताखोर और मेडिकल टीम रहेगी तैनात

विसर्जन कुंड पर क्रेन, मंच, कंट्रोल रूम, मोटर बोट, गोताखोर, मजबूत रस्सियां, टॉर्च, लॉन्ग बूट, रेनकोट और बड़े छाते की व्यवस्था की जाएगी। होमगार्ड विभाग से समन्वय कर अग्निशमन वाहनों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

लाखे नगर चौक पर सर्च लाइट, पंडाल, मंच, माइक और कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। यहां प्राथमिक उपचार केंद्र, एंबुलेंस और मेडिकल कैंप की व्यवस्था रहेगी। विसर्जन स्थल पर चिकित्सकों की टीम और जरूरी दवाइयां भी उपलब्ध रहेंगी।

25 सितंबर से मिलेंगे ट्रैक्टर-ट्रॉली और वाहन

निगम ने 25 सितंबर से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और 709 वाहनों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इन वाहनों को तेलीबांधा तालाब, बूढ़ातालाब और लाखे नगर चौक में विसर्जन कार्य के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। वाहन चालकों और ईंधन की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने को कहा गया है।

निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि तेलीबांधा तालाब, बूढ़ातालाब और शहर के अन्य तालाबों में प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं होने दिया जाएगा। छोटी प्रतिमाओं के लिए तालाबों के किनारे अस्थायी विसर्जन कुंड बनाए जाएंगे।

विसर्जन रूट पर रोशनी और बिजली की विशेष व्यवस्था

विसर्जन रूट से महादेव घाट तक और रिंग रोड क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। विसर्जन स्थल पर बिजली बाधित न हो, इसके लिए जनरेटर की व्यवस्था के साथ बिजली विभाग के अधिकारियों से समन्वय कर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महादेव घाट पर प्रतिमाओं के पूजन के लिए संस्कृत कॉलेज से 10 पंडितों की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

जर्जर भवनों का होगा सर्वे, सड़कों की मरम्मत

विसर्जन रूट पर स्थित सभी जर्जर भवनों का सर्वे कराया जाएगा। संबंधित मकान मालिकों को भवन दुरुस्त कराने के लिए नोटिस देने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा पूरे विसर्जन मार्ग और लिंक सड़कों पर पेचवर्क, गड्ढों की मरम्मत और निर्माण सामग्री हटाने के साथ सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा गया है।

पानी और आवारा मवेशियों पर भी फोकस

विसर्जन रूट और कुंड स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए पेयजल टैंकर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही शहर में आवारा मवेशियों को पकड़कर कांजी हाउस में रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विसर्जन के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।

नगर निगम ने संबंधित जोन कमिश्नरों को विसर्जन स्थल पर अलग-अलग पालियों में तैनात निगम कर्मचारियों के लिए भी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इस तरह विसर्जन के दौरान सुरक्षा, यातायात, बिजली, सफाई, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर निगम ने व्यापक व्यवस्था तैयार की है।