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एसईसीएल को मिला सीएसआर एक्सीलेंस अवार्ड

बिलासपुर। एसईसीएल को सीएसआर के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए सीएसआर एक्सीलेंस अवार्ड प्रदान किया गया है। यह अवार्ड वर्ल्ड सीएसआर संस्थान मुम्बई में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया। उक्त पुरस्कार हेतु देश भर के महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठानों, सार्वजनिक उपक्रमों आदि से प्रविष्टि आमंत्रित की गयी थी तथा इकॉनॉमी, स्वास्थ्य, इनोवेशन एवं सतत धारणीय विकास जैसे बिन्दुओं को प्रमुखता देते हुए एसईसीएल को उक्त पुरस्कार हेतु चयनित किया गया है।


विदित हो कि एसईसीएल द्वारा सीएसआर के अंतर्गत कोयलांचल व संचालन के राज्यों में विभिन्न प्रकार के विकासपरख गतिविधियाँ निरंतर संचालित की जा रही हैं। पिछले 8 वर्षों में कम्पनी ने सीएसआर के अंतर्गत समग्र रूप से 700 करोड़ रूपये से अधिक की राशि खर्च की है, इसमें से लगभग 500 करोड़ रूपये छत्तीसगढ़ राज्य में विभिन्न विकासात्मक कार्यों में लगाया गया है। सीएसआर के अंतर्गत कम्पनी ने शिक्षा को बढ़ावा, स्वास्थ्य सुविधाओं में वृद्धि, पेयजल, कौशल विकास, ग्रामीण विकास, पर्यावरण, दिव्यांगों व भूतपूर्व सैनिकों को सहायता, खेलकूद को बढ़ावा आदि क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।

एसईसीएल ने कोविड काल के दौरान बिलासपुर व अम्बिकापुर के जिलों में एक्सक्लूसिव कोविड ट्रिटमेंट सेंटर के संचालन हेतु राज्य शासन को वित्तीय सहयोग दिया है। एसईसीएल के सहयोग से लगभग 20 करोड़ रूपये की लागत से सिम्स बिलासपुर में सिटी स्केन व एमआरआई स्केन मशीन उपलब्ध कराया गया है, जिससे आमजनों को बेहद कम लागत पर आधुनिक जाँच की सुविधा उपलब्ध हो सकी है। एसईसीएल ने कोरबा जिले के 500 शासकीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम की स्थापना हेतु वित्तीय सहयोग दिया है, वहीं रायगढ़ जिले में भी विभिन्न सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा हेतु राशि आबंटित की गयी है। बिलासपुर शहर के 3 अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए एसईसीएल लगभग 2.7 करोड़ रूपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है।

एसईसीएल सीएमडी डॉ. प्रेम सागर मिश्रा व निदेशक मण्डल ने एसईसीएल को उक्त सीएआर एक्सीलेंस अवार्ड प्राप्त होने पर खुशी जताई है व भविष्य के लिए अपनी ओर से शुभकामनाएँ दी है। मुम्बई में आयोजित उक्त पुरस्कार समारोह में एसईसीएल के प्रतिनिधि मण्डल में श्री रत्नेश श्रीवास्तव महाप्रबंधक (सीएसआर/कल्याण) व  सनीश चन्द्र जनसंपर्क अधिकारी शामिल थे।

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