जम्मू। श्री अमरनाथ यात्रा अब और सुगम होगी। बालटाल से पवित्र गुफा तक रोपवे बनाया जाएगा। यह रोपवे 11.60 किलोमीटर लंबा होगा। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। रामबन और बड़गाम में भी तीन रोपवे बनाए जाएंगे। विधानसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक सज्जाद शाहीन के सवाल पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से यह जानकारी दी गई है।
सरकार ने उपराज्यपाल के नेतृत्व वाली प्रशासनिक परिषद के 15 मार्च 2022 के फैसले और उसके बाद 6 सितंबर 2023 के सरकारी आदेश का हवाला दिया है। बताया गया है कि पर्वतमाला पहल के तहत 52 रोपवे परियोजनाओं की सूची साझा की गई है। इनमें अमरनाथ गुफा के अलावा शंकराचार्य मंदिर श्रीनगर के लिए 1.05 किलोमीटर लंबा रोपवे, डोडा में भद्रवाह से सियोझदार तक 8.80 किलोमीटर रोपवे और सोनमर्ग से थाजीवास ग्लेशियर का 1.60 किलोमीटर लंबे रोपवे की परियोजना भी शामिल है।
रियासी में दर्शन देवड़ी से शिवखोड़ी तक रोपवे के टेंडर रद्द
जवाब में कहा गया है कि पर्वतमाला योजना के तहत रोपवे के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और प्रदेश सरकार के बीच 4 अप्रैल 2022 को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। अदालती मामले के कारण रियासी में दर्शन देवड़ी से शिवखोड़ी मंदिर तक 2.12 किमी रोपवे के टेंडर रद्द कर दिए गए हैं। रामबन में करचियाल से वासमर्ग रोपवे परियोजना पर काम चल रहा है।
हर वर्ष देशभर से पहुंचते हैं लाखों श्रद्धालु
हर वर्ष अमरनाथ यात्रा में देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। बीते वर्ष 6 लाख से अधिक यात्री पहुंचे थे। बालटाल से पवित्र गुफा करीब 14 किलोमीटर है। पैदल सफर तय करने में 15 से 16 घंटे लग जाते हैं। रोपवे होने से ये सफर आसान होगा।
शंकराचार्य मंदिर में भी हर वर्ष पहुंचते हैं 5 से 6 लाख पर्यटक
श्रीनगर जाने वाले पर्यटक शंकराचार्य मंदिर में भी विशेष रूप से पहुंचते हैं। मंदिर में हर वर्ष 5 से 6 लाख पर्यटक माथा टेकने के लिए जाते हैं। ये मंदिर काफी ऊंचाई पर है। रोपवे बनने से पर्यटकों को काफी सहूलियत होगा।
मिनी कश्मीर है भद्रवाह
पर्यटन स्थल भद्रवाह मिनी कश्मीर के रूप में जाना जाता है। जहां हर साल 5 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचते हैं। रोपवे पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
शिवखोड़ी आने वाले 20 लाख श्रद्धालुओं पर पड़ेगा असर
अदालती मामले के चलते दर्शन देवड़ी आधार शिविर से शिवखोड़ी रोपवे के कार्य को रद्द कर दिया गया है। इससे करीब 20 लाख श्रद्धालुओं पर असर पड़ेगा। ये रोपवे 2 किलोमीटर था। आधार शिविर से शिवखोड़ी का पैदल रास्ता 4 किमी है। रोपवे बनने से दूरी दो किमी कम होनी थी।