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सुशासन तिहार 2026: 1 मई से 10 जून तक प्रदेशभर में समस्या निवारण शिविर, सरकार पहुंचेगी घर-घर

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकार ने ‘सुशासन तिहार 2026’ की तैयारियां तेज कर दी हैं। इस अभियान के तहत 1 मई से 10 जून तक पूरे प्रदेश में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष समस्या निवारण शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देशित किया है कि 30 अप्रैल 2026 तक लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसमें भूमि संबंधी मामलों जैसे नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के साथ-साथ मनरेगा के तहत लंबित मजदूरी भुगतान, हितग्राही योजनाओं के भुगतान, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, बिजली और ट्रांसफार्मर समस्याओं तथा हैंडपंप मरम्मत को प्राथमिकता दी जाएगी।

इसके अलावा पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सुशासन तिहार के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा और प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति की जानकारी दी जाएगी।

मुख्यमंत्री साय स्वयं अभियान के दौरान विभिन्न जिलों का दौरा कर औचक निरीक्षण करेंगे, हितग्राहियों से संवाद करेंगे और जिला मुख्यालयों में समीक्षा बैठक लेकर योजनाओं की प्रगति का आकलन करेंगे। इसके साथ ही मंत्री, सांसद, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी भी समय-समय पर शिविरों में शामिल होकर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे।

सरकार ने जनसंपर्क विभाग और जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए प्रभावी रणनीति अपनाई जाए, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस पहल से जुड़ सकें और अपनी समस्याओं का समाधान पा सकें।