महासमुंद में ACB की बड़ी कार्रवाई, सरपंच रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, 1 लाख रुपये लेते पकड़ा गया

० NOC रद्द करने के बाद दोबारा अनुमति देने के नाम पर 4 लाख की मांग, पहले भी ले चुका था 50 हजार रुपये एडवांस
महासमुंद। जिले के ग्राम पंचायत बेमचा में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सरपंच देवेंद्र चंद्राकर को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी को प्रार्थी से 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए ट्रैप ऑपरेशन में पकड़ा गया।
NOC के नाम पर मांगी गई थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता सूरज राम रात्रे, निवासी महासमुंद ने ACB रायपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी पत्नी के नाम की आबादी भूमि पर बने मकान के निर्माण के लिए पूर्व सरपंच द्वारा NOC जारी की गई थी।
लेकिन वर्तमान सरपंच ने उस अनुमति को रद्द कर दिया और दोबारा निर्माण की अनुमति देने के लिए 4 लाख रुपये की मांग करने लगा।
जांच में शिकायत सही पाई गई
ACB द्वारा मामले की सत्यापन जांच की गई, जिसमें आरोप सही पाए गए। जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी ने सौदेबाजी कर रकम 3.80 लाख रुपये तय की थी और 50 हजार रुपये पहले ही एडवांस के रूप में ले चुका था।
ट्रैप कार्रवाई में गिरफ्तार
16 अप्रैल को ACB टीम ने योजना बनाकर ट्रैप ऑपरेशन किया। इस दौरान सरपंच को शिकायतकर्ता से 1 लाख रुपये की अगली किस्त लेते हुए मौके पर ही पकड़ लिया गया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।





