पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा तेज: कुमारगंज में भाजपा उम्मीदवार पर हमला, सुरक्षागार्ड के साथ भागकर बचाई जान

कोलकाता | पश्चिम बंगाल में चल रहे चुनावी माहौल के बीच कुमारगंज से एक तनावपूर्ण और हिंसक घटना सामने आई है, जिसने राजनीतिक माहौल को और अधिक गरमा दिया है। भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु सरकार पर भीड़ द्वारा कथित हमले का वीडियो सामने आया है, जिसमें उनके साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई होती दिखाई दे रही है।
इस घटना में उनके कान से खून निकलता भी देखा गया, जिसके बाद वे अपने बॉडीगार्ड के साथ मौके से सुरक्षित निकलने को मजबूर हुए। घटना के बाद उन्होंने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे सियासी साजिश बताया।
बूथों पर गड़बड़ी का आरोप
घटना के बाद पत्रकारों से बातचीत में भाजपा उम्मीदवार ने दावा किया कि उनके पोलिंग एजेंट्स को 8-10 बूथों से जबरन बाहर निकाल दिया गया था। उनके अनुसार, उन्होंने हस्तक्षेप कर एजेंट्स को दोबारा बूथ के अंदर प्रवेश दिलाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे बूथ नंबर 24 पर स्थिति का जायजा लेने पहुंचे, तभी उन पर और उनकी टीम पर हमला किया गया, ताकि भय का माहौल बनाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय सुरक्षा बल क्षेत्र में मौजूद थे, लेकिन उस समय उनके साथ केवल उनका निजी बॉडीगार्ड ही था।
टीएमसी पर साजिश का आरोप
भाजपा नेता ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव हारने के डर से ऐसी घटनाओं को बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ता जानबूझकर हिंसा फैलाकर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
टीएमसी और एजेयूपी के बीच झड़प
इससे पहले शिवनगर गांव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के बीच भी तीखी झड़प की खबर सामने आई थी। एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि टीएमसी ने उनकी पार्टी के कई उम्मीदवारों को पैसे देकर चुनाव मैदान से हटने के लिए प्रभावित किया।
इन आरोपों के बाद क्षेत्र में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है, जिससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी सवाल उठने लगे हैं।





