पीएम मोदी की बचत अपील पर सियासत तेज, राहुल गांधी ने कहा- “ये नाकामी के सबूत”

दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच Narendra Modi की देशवासियों से की गई बचत और आत्मनिर्भरता की अपील को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। जहां देश के कई बड़े उद्योगपतियों ने प्रधानमंत्री के संदेश का समर्थन किया है, वहीं कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi ने इसे सरकार की विफलता करार दिया है।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
सिकंदराबाद में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से ईंधन बचाने, गैर-जरूरी खर्च कम करने, विदेश यात्राओं से बचने और घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) जैसी डिजिटल कार्यप्रणालियों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में विदेशी मुद्रा भंडार की सुरक्षा बेहद जरूरी हो गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अभी भी बड़ी मात्रा में ईंधन आयात करता है और वैश्विक ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान अपनाई गई वर्चुअल मीटिंग और वर्क फ्रॉम होम संस्कृति को फिर से प्राथमिकता देने की बात कही।
राहुल गांधी का हमला
प्रधानमंत्री की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि जनता को यह बताना कि क्या खरीदना है, क्या नहीं खरीदना है और कहां जाना है या नहीं जाना है, सरकार की नाकामी को दर्शाता है।
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में कहा,
“मोदी जी ने जनता से त्याग मांगना शुरू कर दिया है। ये उपदेश नहीं, बल्कि विफलता के सबूत हैं। हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल दी जाती है ताकि सरकार जवाबदेही से बच सके।”
उद्योग जगत ने किया समर्थन
प्रधानमंत्री मोदी की अपील को कई उद्योगपतियों ने सकारात्मक कदम बताया।
Venu Srinivasan ने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के दौर में विवेकपूर्ण उपभोग और आत्मनिर्भरता बेहद आवश्यक है।
वहीं Sunil Bharti Mittal ने इसे आर्थिक अनुशासन का समय बताते हुए घरेलू मजबूती पर जोर देने की बात कही।
भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य आर्थिक सलाहकार ने भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री की अपील का उद्देश्य विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखना है, न कि किसी प्रकार की राशनिंग लागू करना।
गैर-जरूरी खर्चों में कटौती की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अगले एक वर्ष तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी टालने की सलाह दी। उन्होंने डेस्टिनेशन वेडिंग, विदेशी छुट्टियों और अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचने का आग्रह करते हुए घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही।
इसके साथ ही उन्होंने खाद्य तेल की खपत कम करने की भी सलाह दी। प्रधानमंत्री के अनुसार इससे न केवल देश की आर्थिक स्थिरता को मजबूती मिलेगी, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य को भी लाभ होगा।





